पिथौरागढ़ में रविवार की शाम को हुई झमाझम बारिश। संवाद
पिथौरागढ़। सीमांत जिले में मौसम लगातार करवट बदल रहा है। जिला मुख्यालय में जहां दिनभर बादल छाए रहे वहीं अस्कोट और धारचूला में झमाझम बारिश हुई। जिला मुख्यालय पिथौरागढ़ में शाम के समय हल्की बारिश हुई।
जिले में पिछले तीन दिन से मौसम का मिजाज लगातार बिगड़ा हुआ है। शनिवार की रात को अधिकांश जगहों पर जमकर मेघ बरसे। मुनस्यारी और धारचूला के उच्च हिमालयी चोटियों पर हल्का हिमपात भी हुआ। रविवार को सुबह हल्की धूप निकली लेकिन बाद में आसमान बादलों से ढक गया। दोपहर बाद अस्कोट और धारचूला में बारिश हुई। मौसम बदलने से रात को अभी भी ठंड बरकरार है।
नगर में लगातार बारिश होने से घाटी वाले क्षेत्रों में तपिश से काफी राहत मिली है। लंबे समय तक सूखे जैसे हालात रहने के बाद बारिश होने से किसान भी काफी खुश हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में लोग धान की बुवाई में जुट गए है। इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर होने वाली सब्जियों की भी बुवाई की जा रही है। बारिश से जंगलों में लगी आग भी बुझ गई है। इससे पिछले पांच दिनों से वन विभाग ने भी राहत की सांस ली है।
एक ही दिन में बढ़ गया अधिकतम और न्यूनतम तापमान
चंपावत। जिला मुख्यालय में एक ही दिन में अधिकतम तापमान ढाई और न्यूनतम तापमान एक डिग्री बढ़ गया। रविवार को चंपावत का अधिकतम तापमान 25.5 और न्यूनतम तापमान 13 डिग्री दर्ज किया गया जबकि शनिवार को अधिकतम तापमान 23, न्यूनतम तापमान 12 डिग्री दर्ज किया गया था। आपदा विभाग के अनुसार बनबसा में चार और लोहाघाट में दो मिमी बारिश हुई।
इससे ठंड में इजाफा हुआ लेकिन रविवार को खिली धूप के चलते लोगों को उमस भरी गर्मी झेलनी पड़ी। लगातार मौसम बदलने के कारण लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। पीएमएस डॉ. पीएस खोलिया ने बताया कि बदलते मौसम में विशेष ध्यान देने की जरूरत है। मौसम के अनुरूप ही खाना पान करना चाहिए। जरा सी लापरवाही बीमारी को दावत दे सकती है। संवाद