मुनस्यारी के पातलथौड़ में अनुसंधान रेंज, वन वर्धनिक नैनीताल की ओर से दो एकड़ क्षेत्र में बनाया गया देश का पहला लाइकेन (कवक) पार्क पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बन रहा है। पार्क में वर्तमान में लाइकेन की 83 प्रजातियां हैं।
हिमनगरी मुनस्यारी के पातलथौड़ में अनुसंधान रेंज, वन वर्धनिक नैनीताल की ओर से दो एकड़ क्षेत्र में बनाया गया देश का पहला लाइकेन (कवक) पार्क पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बन रहा है। पार्क में वर्तमान में लाइकेन की 83 प्रजातियां हैं। वन अनुसंधान शाखा ने वर्ष 2019-20 में लाइकेन पार्क बनाया।
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विशेषज्ञों का कहना है कि लाइकेन उस स्थान पर होता है जहां प्रदूषण नहीं होता है। यह विषम परिस्थिति में भी जिंदा रह सकता है। लाइकेन पर्यावरण के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। यदि प्रदूषण बढ़ेगा तो यह विलुप्त हो जाएगा। मुनस्यारी अभी प्रदूषण से अछूता है।
अनुसंधान रेंज के रेंजर आरपी जोशी ने बताया कि मुनस्यारी घूमने आने वाले करीब 3000 देशी-विदेशी पर्यटक अब तक इस पार्क के भ्रमण पर आ चुके हैं। इससे पार्क को 75000 रुपये की आय भी हुई है। पर्यटकों के अलावा शोधार्थी भी यहां आते रहते हैं। उन्होंने बताया कि हिमनगरी क्षेत्र में लाइकेन की करीब 150 प्रजातियां हैं। इन्हें खोज कर पार्क में प्रदर्शित किया जा रहा है। पार्क में एक डायनसोर भी बनाया गया है। लाइकेन कस्तूरी मृग का भी प्रमुख भोजन है।