पिथौरागढ़। ‘न्याय व्यवस्था को सरल बनाना है ताकि आम आदमी को इसका लाभ मिल सके। न्याय के लिए आम आदमी को ठोकरें खाने की नौबत नहीं आनी चाहिए। लीगल वालंटियर इस काम को बेहतर तरीके से कर सकते हैं। तमाम विपरीत हालातों के बावजूद उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने देश भर में सबसे शानदार कार्य किया है।’ यह बात केंद्रीय विधि एवं कानून मंत्री किरण रिजिजू ने पिथौरागढ़ में कही। उन्होंने कहा कि आम जनता के लिए न्याय सुलभ और समय पर मिले इसके लिए वे भी बतौर कानून मंत्री हर कोशिश करेंगे।
विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से पिथौरागढ़ के देव सिंह मैदान में आयोजित विधिक एवं चिकित्सकीय शिविर में पहुंचे केंद्रीय कानून मंत्री रिजिजू ने कहा कि वे भी पहाड़ से ताल्लुक रखते हैं। इसलिए पता है कि दूरस्थ पहाड़ी क्षेत्रों में न्याय सुलभ कराना इतना आसान नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य और जिला विधिक से लेकर तहसील स्तर पर लीगल वालिंटियर के कार्यों को देखा, जिसमें उत्तराखंड विधिक सेवा प्राधिकरण ने पूरे देशभर में सबसे अच्छा कार्य किया है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कोरोना काल में न्याय पालिका ने वर्चुअल सुनवाई भी की और लोगों को न्याय दिलाया। न्याय पालिका का मूल मंत्र यही है कि सबको इंसाफ कैसे दिया जाए। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य आम आदमी और न्याय के फैसले को कम करना नहीं बल्कि पूरी तरह से समाप्त करना है। कार्यक्रम के दौरान कानून मंत्री रिजिजू सोरघाटी की सुंदरता से अभिभूत नजर आए। उन्होंने कहा कि पिथौरागढ़ बेहद खूबसूरत स्थल है और उन्हें यहां आने का अवसर मिला, जिससे वह काफी खुश हैं।
रिजिजू ने मंच से की न्यायमूर्ति ललित की प्रशंसा
पिथौरागढ़। केंद्रीय कानून मंत्री रिजिजू ने अपने संबोधन में सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश उदय उमेश ललित की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने विधिक क्षेत्र में उनका कार्य देखा है। विधिक सेवा प्राधिकरण के क्षेत्र में जिस समर्पित भाव से उन्होंने कार्य किया है वह प्रशंसनीय है और इसके लिए वह उनको सैल्यूट करना चाहते हैं।
छोलिया नृत्य और ढोल नगाड़ों से किया स्वागत
पिथौरागढ़। केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू और सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश एवं राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के चेयरमैन न्यायमूर्ति यूयू ललित का कार्यक्रम स्थल देव सिंह मैदान पहुंचने पर छोलिया नृत्य और ढोल नगाड़ों के साथ स्वागत किया। इससे पूर्व भाजपा नेता गिरीश जोशी के नेतृत्व में तमाम कार्यकर्ताओं और अधिवक्ता प्रमोद पंत, बृजेश जोशी, सुभाष चंद्र जोशी आदि ने नैनीसैनी एयरपोर्ट में भी कानून मंत्री का बूके देकर स्वागत किया।
अदालतों में लंबित मामले के निपटारे में मददगार साबित हो सकते हैं पैरा लीगल वालिंटियर
पिथौरागढ़। केंद्रीय कानून मंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि आज न्यायालयों में चार करोड़ से अधिक मामले न्यायालयों में लंबित हैं। इन मामलों के निराकरण में वालिंटियर और पैरालीगल वालिंटियर अच्छा काम कर सकते हैं। क्योंकि लीगल सर्विस नहीं मिलने से लाखों लोग केस अंडर ट्रायल होने की वजह से जेलों में हैं। इनमें से अधिकतर लोग ऐसे हैं, जिन्हें रिलीज किया जा सकता है। जेलों और कैदियों की हालत में भी सुधार किया जा सकता है। इसमें पैरालीगल वालेंटियर न्याय विभाग की मदद कर सकते हैं।
‘विश्वास सबके लिए न्याय सबके लिए यही मोटो होना चाहिए’
पिथौरागढ़। उत्तराखंड के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति राघवेंद्र चौहान ने कहा कि न्याय केवल न्याय पालिका तक ही सीमित नहीं है बल्कि सूर्य की किरणों की तरह सभी जगह समान रूप से विद्यमान है। उन्होेंने कहा कि राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण गांव-गांव जाकर लोगों को विधिक जानकारी देने के साथ गरीब एवं जरूरतमंद व्यक्ति को कानूनी मदद कर रहा है। इस कार्य में पैरालीगल वालिंटियर की अधिक भूमिका है। उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ती मनोज तिवारी ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त करते हुए विधिक शिविर की जानकारी दी।
42 दिन में 637 गांवों में गई विधिक सेवा की टीम
पिथौरागढ़। सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश एवं राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के चेयरमैन न्यायमूर्ति उदय उमेश ललित ने कहा कि भारत की आजादी के 75 वर्ष के उपलक्ष्य में अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है। इसके तहत राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण पूरे देश में विधिक जागरूकता शिविर कार्यक्रम आयोजित कर रहा है। उन्होंने बताया कि दो अक्तूबर से 14 नवंबर तक विधिक सेवा की टीम ने प्रदेश के 637 गांवों में जाकर लोगों को जागरूक करने और उन्हें न्याय दिलाने का कार्य किया गया। यह अभियान आगे भी जारी रहना चाहिए। उन्होंने कहा असतो मां सद्गमय तमसो मां ज्योतिर्गमय यही एक मूल संदेश है।
दिव्यांगों को दिया ‘सहारा’
पिथौरागढ़। चिकित्सा शिविर में जांच के लिए जिले भर से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। सुबह नौ बजे से ही लोगों का देव सिंह मैदान में पहुंचना शुरू हो गया था। डीडीहाट के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों से आदम जनजाति वनराजियों के परिवार भी शिविर में पहुंचे। केंद्रीय कानून मंत्री रिजिजू और मुख्य न्यायाधीश यूयू ललित ने शिविर में आए दिव्यांगों को सहायक उपकरण वितरित किए। दिव्यांगों को 50 व्हीलचेयर, 50 बैशाखी, 500 कान की मशीन दी गईं।
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली तथा उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण नैनीताल के निर्देशन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से पिथौरागढ़ के देव सिंह मैदान में आयोजित विधिक एवं चिकित्सकीय शिविर का उद्घाटन केंद्रीय कानून मंत्री किरण रिजिजू, सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश न्यायमूर्ति उदय उमेश ललित और उत्तराखंड हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश राघवेंद्र सिंह चौहान ने दीप प्रज्वलित करके किया।
चिकित्सा शिविर में जांच के लिए जिले भर से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। विभिन्न चिकित्सा विशेषज्ञों ने आए हुए लोगों की निशुल्क मेडिकल जांच की। शिविर में विभिन्न विभागों ने सरकारी स्टालों के माध्यम से आम नागरिकों को विभागीय योजनाओं की जानकारी दी। दिव्यांगजनों को व्हील चेयर तथा कृत्रिम अंग प्रदान किए गए। शिविर में विशेष रूप से राजि जनजाति के गांव कूटा चौरानी, मदनपुरी, जमतड़ी, भागीचौरा आदि गांवों से आए वनराजियों का स्वास्थ्य परीक्षण कर नि:शुल्क दवा के साथ ही उन्हें कंबल, शाल कपड़े सहित अन्य वस्तुएं वितरित की गईं। इस अवसर पर हंस फाउंडेशन ने भी नि:शुल्क 50 व्हील चेयर, 50 बैशाखी, 500 कान की मशीन, 600 चश्मे के साथ मास्क, सैनिटाइजर बांटे। इस अवसर पर उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति शरद कुमार शर्मा, जिला जज पिथौरागढ़ डॉ. जीके शर्मा, उच्च न्यायालय के निबंधक धनंजय चतुर्वेदी, सदस्य सचिव राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण राजीव कुमार खुल्वे, निबंधक अम्बिका पंत, डीएम डॉ.आशीष चौहान, पुलिस अधीक्षक लोकेश्वर सिंह, सीडीओ अनुराधा पाल, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण पिथौरागढ़ विभा यादव, पिथौरागढ़ बार संघ के अध्यक्ष एमसी भट्ट सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन सिविल जज सीनियर डिविजन रश्मि गोयल ने किया।
एनसीसी कैडेटों और स्कूली बच्चों की सराहना
पिथौरागढ़। विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से आयोजित विधिक एवं चिकित्सकीय शिविर में विभिन्न स्कूलों के बच्चों के साथ ही एनसीसी कैडेट भी उपस्थित रहे। केंद्रीय कानून मंत्री किरण रिजिजू ने अपने संबोधन में कहा कि इस कार्यक्रम में स्कूली बच्चों और एनसीसी कैडेटों को देखकर अच्छा लग रहा है। एनसीसी कैडेट और एनएसएस में सेवा भाव होता है।