गंगोलीहाट (पिथौरागढ़)। मड़कनाली-सुरखालपाठक सड़क निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों का अनशन 82वें दिन भी जारी रहा। दिन भर धरना देने के बाद शाम को आंदोलनकारियों ने मशाल जुलूस निकाला।
शुक्रवार को पुष्कर सिंह बिष्ट, सूरज सिंह और पुष्कर सिंह अनशन पर बैठे, जबकि देवेंद्र सिंह बिष्ट, गोपाल सिंह, कल्याण राम, हरीश बहादुर, केशर सिंह, राजेंद्र सिंह, जोगा सिंह, किशन सिंह, पुष्कर भंडारी, हरीश, संजय सिंह बिष्ट ने समर्थन में धरना दिया।
इस मौके पर आंदोलनकारियों ने कहा कि सड़क के लिए आंदोलन को तीन माह पूरे होने वाले हैं। इसके बावजूद शासन प्रशासन की ओर से सड़क निर्माण के लिए कोई पहल नहीं की गई है। शुक्रवार शाम को आंदोलनकारियों ने मशाल जुलूस निकाला।
डाकघर लाइन से होकर यह मशाल जुलूस नगर के विभिन्न हिस्सों से होते हुए तहसील कार्यालय पहुंचा। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने उपजिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। वहां ललित सिंह, पुष्कर सिंह, केदार सिंह, विक्रम सिंह, केशर सिंह, गोविंदी देवी आदि थे।
छह गांवों के लोगों का धरना सातवें दिन भी जारी रहा
मूनाकोट (पिथौरागढ़)। अशोकनगर-बेलतड़ी मोटर मार्ग के दो किमी हिस्से पर काम न होने से गुस्साए क्षेत्र के लोग सातवें दिन भी धरने पर बैठे। सातवें दिन मनोहरी देवी और तुलसी देवी धरने पर बैठी। दिगरा गांव के लोगों ने भी आंदोलन को समर्थन दिया।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अशोकनगर बेलतड़ी मोटरमार्ग को वर्ष 2004 में स्वीकृति मिल चुकी थी। 10 किमी लंबी सड़क पर सौनगांव तक डामर हो चुका है। 4.50 किमी लंबी सड़क पर 2.50 हिस्से पर कटिंग भी हो चुकी है। ठेकेदार ने कठोर चट्टानें होने के कारण भाटीगांव से बेलतड़ी तक कटिंग नहीं की।
क्षेत्र के लोग सड़क निर्माण की मांग को लेकर कई बार जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से भी मिल चुके है। प्रशासन की और से हमेशा कार्य की प्रगति होने की बात कहकर टाल दिया जाता है।
धरना संयोजक दयाकिशन भट्ट ने बताया कि सत्ता पार्टी के किसी भी जनप्रतिनिधि ने धरने को लेकर कोई भी सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं दी है। इसका जवाब क्षेत्र के 12 हजार वोटर 2022 के विधानसभा चुनाव का बहिष्कार कर देंगे। वहां गोविंद बल्लभ भट्ट, गोकुल कुमार, राजन राम, रवि कुमार, कमल कुमार, चंद्र बल्लभ आदि थे।