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पहाड़ी से पत्थर गिरने से सड़क खोल रहा जेसीबी ऑपरेटर चोटिल

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थल-मुनस्यारी मार्ग पर नया बस्ती सड़क बंद होने से फंसे रसोई गैस सिलिंडर । संवाद न्यूज एजेंसी - फोटो : PITHORAGARH
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नाचनी (पिथौरागढ़)। थल-मुनस्यारी मार्ग हरड़िया के पास मलबा आने से फिर से बंद हो गया है। सड़क खोलने के लिए मलबा हटा रहा जेसीबी ऑपरेटर भी पत्थरों की चपेट में आने से चोटिल हो गया। बार-बार यातायात बाधित होने से सीमांत मुनस्यारी के लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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मंगलवार थल-मुनस्यारी हरड़िया के पास नया बस्ती में पहाड़ी से मलबा और पत्थर आने से सड़क पूरी तरह बंद हो गई। सड़क से मलबा हटा रहा लोनिवि का जेसीबी ऑपरेटर जमन सिंह पहाड़ी से गिरे पत्थरों की चपेट में आने चोटिल हो गया। सुबह सड़क डेढ़ से दो घंटे हल्के वाहनों के लिए खुली रही लेकिन बारिश के बाद हरड़िया के पास फिर मलबा आने से सड़क बंद हो गई। सड़क बंद होने से मुनस्यारी जा रहे रसोई गैस सिलिंडर के तीन वाहन सहित कई अन्य वाहन फंसे हैं। सड़क जल्द नहीं खुली तो क्षेत्र में रसोई गैस संकट बढ़ सकता है। लगातार हो रही बारिश के चलते नाचनी-भैंसकोट सड़क भी बंद होने से यातायात ठप है। ऐसे में लोगों की मुश्किल अधिक बढ़ गई है।
मलबे ने रोका नदी का रास्ता, फिर झील बनने के आसार
मुनस्यारी (पिथौरागढ़)। भराड़ीगाड़ में पहाड़ी से गिरे मलबे ने नदी का रास्ता रोक दिया है। इस कारण फिर से इस स्थान पर झील बनने के आशंका हो गई है। ऐसे में मालूपाती गांव के लिए अधिक खतरा हो गया है। इसे देखते हुए प्रशासन भी मुस्तैद हो गया है। एसडीएम अभय प्रताप के निर्देश पर बुधवार को भू-वैज्ञानिक प्रदीप कुमार के नेतृत्व में एक टीम मौके पर जाकर सर्वे करेगी। प्रधान मालूपाती हेमा देवी ने बताया कि अगर इस तरह ही बारिश होती रही तो झील का जलस्तर बढ़ने का खतरा है।
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पहाड़ी से गिरे मलबे की चपेट मेें आने से बाल-बाल बचे लोग
धारचूला (पिथौरागढ़)। टनकपुर-तवाघाट एनएच पर मंगलवार को तीन बजे तड़कोट एलधारा के पास अचानक पहाड़ी से मलबा और बोल्डर नीचे गिरने लगे। इस दौरान एलधारा के प्राकृतिक स्रोत से पानी भर रहे करीब पांच लोगों ने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई। मलबा आने से कुछ घंटे सड़क बंद रही। मलबे और बोल्डरों से एलधारा के आसपास के 20 से ज्यादा भवनों को खतरा हो गया है। मल्ली बाजार निवासी किशोर वर्मा ने बताया हर बारिश में यहां मलबा और बोल्डर आने का खतरा बना रहता है। तड़कोट निवासी दिनेश गुंज्याल और खड़क सिंह दानू ने बताया पिछले साल भी इसी जगह से भू-कटाव होने से काफी भवनों को नुकसान हुआ है। पिछले साल बनाई सुरक्षा दीवार इस बारिश में पूरी तरह ध्वस्त हो गई है। हल्की बारिश में रोजाना मलबा आने से सड़क कुछ घंटे बाधित हो रही है। दोनों ने प्रशासन, ग्रिफ और पालिका से सड़क से मलबा हटाकर मजबूत सुरक्षा दीवार लगाने की मांग की है।
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