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बेस अस्पताल में 8 फीसदी शेष कार्य दो माह में पूर्व करें-डीएम

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पिथौरागढ़। डीएम आशीष कुमार चौहान ने बृहस्पतिवार को निर्माणाधीन जिला बेस चिकित्सालय, नन्ही परी सीमांत इंजीनियरिंग कॉलेज मड़धूरा और सीवर ट्रीटमेंट प्लांट का स्थलीय निरीक्षण किया।
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उन्होंने बेस अस्पताल के शेष आठ फीसदी काम को दो माह के भीतर पूरा करने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं। डीएम ने बड़ी परियोजनाओं के जल्द निर्माण के लिए सीडीओ के नेतृत्व में एक कमेटी गठित की है। कमेटी इनकी साप्ताहिक समीक्षा करेगी।
बेस अस्पताल के निरीक्षण के दौरान डीएम ने कार्यदायी संस्था आरडब्लूडी से ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट का काम इसी माह पूर्ण करने के निर्देश दिए।
उन्होंने मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अरविंद बरोनिया से बेस चिकित्सालय में स्थापित होने वाली आरटीपीसीआर लैब की भी प्रगति जानी। डीएम ने कहा कि इसे प्राथमिकता के आधार पर संचालित किया जाए।
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कहा कि परियोजना की डीपीआर में स्वीकृत कार्य के अनुसार कार्य और सामग्री पूर्ण गुणवत्ता के साथ उपलब्ध होने पर ही भवन हस्तांतरण की कार्यवाही की जाएगी।
उन्होंने ब्रिडकुल को निर्देश दिए कि बेस चिकित्सालय में जो भी अन्य निर्माण होने हैं, उनका प्रस्ताव शासन को भेजकर राशि स्वीकृत होने पर कार्य शुरू करें। कार्यदायी संस्था के अधिकारियों ने बताया कि 58.4 करोड़ की राशि खर्च कर ली गई है।
निरीक्षण में सीएमओ डॉ. एचसी पंत, पेयजल निगम के ईई आरएस धर्मशक्तू, आरडब्ल्यूडी एलसी पांडेय, ब्रिडकुल अभियंता ऐश्वर्य शर्मा, निर्माण निगम के जेई पुष्पेंद्र वर्मा, नायब तहसीलदार पंकज चंदोला, एसआईटी कुल सचिव बीपी जोशी मौजूद रहे।
एसआईटी निर्माण कार्य की जांच होगी
पिथौरागढ़। डीएम ने मड़गल स्थित निर्माणाधीन नन्ही परी सीमांत इंजीनियरिंग कॉलेज भवन का स्थलीय निरीक्षण कर धीमी गति और निर्मित कार्य की खराब हालत पर नाराजगी जताते हुए जांच के आदेश दिए हैं।
उन्होंने कार्यों की जांच के लिए एक कमेटी का गठन किया है। कमेटी में सीडीओ को अध्यक्ष, अधीक्षण अभियंता लोनिवि, भूवैज्ञानिक, अधिशासी अभियंता आरडब्ल्यूडी को सदस्य बनाया गया है। जो एक सप्ताह में गहनता से जांच कर रिपोर्ट उपलब्ध कराएगी।
सीवर ट्रीटमेंट की आवाज को कम करें
पिथौरागढ़। डीएम ने चंद्रभागा स्थित सीवर ट्रीटमेंट प्लांट का भी निरीक्षण किया। इसमें पांच (मिलियन लीटर प्रतिदिन) एमएलडी क्षमता का कार्य पूर्ण होने के बाद सफलतापूर्वक संचालित हो रहा है।
डीएम ने निरीक्षण के दौरान स्थानीय लोगों की ओर से प्लांट से आ रही अत्यधिक आवाज से हो रही समस्या के बारे में बताया। डीएम ने लोगों को आश्वस्त किया कि सीवर प्लांट में आ रही तेज आवाज को कम करने के लिए शीघ्र ही एक संयंत्र स्थापित कर पौधरोपण भी किया जाएगा।
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