डीडीहाट/धारचूला। लद्दाख में चीनी सैनिकों की हरकतों के बाद लिपुलेख सीमा की भी कड़ी निगरानी की जा रही है। सेना और अर्द्ध सैन्य बलों के जवान 24 घंटे गश्त कर रहे हैं। सोमवार को भी भारतीय वायु सेना के जेट फाइटर ने मिलम से लेकर लिपुलेख तक उड़ान भरकर सीमा का जायजा लिया।
सीमा पर चीन की गतिविधियों को देखते हुए भारतीय सुरक्षा बलों ने भी लद्दाख से लेकर लिपुलेख तक अपनी पूरी तैयारी कर ली है। लिपुलेख और मिलम में सेना और अर्द्धसैनिक बलों की तैनाती बढ़ा दी है। कालापानी से लेकर लिपुलेख तक चौबीस घंटे जवान सीमा की निगरानी कर रहे हैं।
धारचूला से लगातार लिपुलेख सीमा के लिए सुरक्षा बलों के जवानों का मूवमेंट बना हुआ है। सीमा पर हाई अलर्ट घोषित किया गया है। जमीनी निगरानी के साथ ही हवा से भी सीमा की निगरानी की जा रही है। वायु सेना के जेट फाइटर ने सोमवार को भी सुबह लगभग दस बजे सीमा पर उड़ान भरी, हालांकि लिपुलेख सीमा पर इस बीच चीन की ओर से कोई अवांछित गतिविधियां नहीं की गई हैं। इधर भारत-नेपाल सीमा पर भी धारचूला से कालापानी तक एसएसबी लगातार गश्त कर रही है। अंतरराष्ट्रीय झूला पुलों सहित काली नदी में अवैध रूप से आने जाने वाले स्थानों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
हेलीकॉप्टर और वाहनों से पहुंचाया जाएगा राशन
सूत्रों के अनुसार चीन की हरकतों को देखते हुए उच्च हिमालयी क्षेत्रों में इस बार सेना और अर्द्धसैनिक बल जाड़ों में भी पर्याप्त संख्या में तैनात रहेंगे। ऐसे में सुरक्षा बलों के लिए पर्याप्त मात्रा में रसद पहुंचायी जाएगी। लिपुलेख सीमा पर तैनात जवानों के लिए गुंजी तक हेलीकॉप्टर और वाहनों से राशन पहुंचाया जाएगा। मिलम के अभी सड़क से नहीं जुड़ पाने के कारण हेलीकॉप्टर से राशन की आपूर्ति की जाएगी।