मुनस्यारी (पिथौरागढ़)। सरकार और जनप्रतिनिधियों को जब ग्रामीणों की परेशानियों पर तरस नहीं आया तो हरकोट और मटेना के महिला मंगल दल और युवाओं ने दोनों गांवों में लकड़ियों का अस्थायी पैदल पुल बनाकर सरकार को आईना दिखाया है। इन पुलों के बनने से सीमांत के पांच गांवों मटेना, चौना, कोट, हरकोट और तल्ला हरकोट की दो हजार से अधिक की आबादी ने राहत की सांस ली है। इन गांवों के लोगों को अब जान जोखिम में डालकर इन उफनाते नालों को पार नहीं करना पड़ेगा।
मटेना- हरकोट सड़क के बंद होने से सीमांत तहसील के कई गांवों के ग्रामीण उफनाते नाले पार कर आवाजाही करने को मजबूर थे। शासन-प्रशासन को इन लोगों का दर्द दिख नहीं रहा था। क्षेत्र में लगातार बारिश के कारण मटेना- हरकोट सड़क जगह-जगह बंद है। इस कारण सीमांत के मटेना, चौना, कोट, हरकोट, तल्ला हरकोट के ग्रामीणों के लिए आवाजाही ठप पड़ी हुई थी। इसी को देखते हुए हरकोट की ग्राम प्रधान हेमा देवी के नेतृत्व में सती देवी, जमंती देवी, कमला देवी, खिला देवी और लक्षिमा देवी आदि ने शासन-प्रशासन को आईना दिखाते हुए श्रमदान कर गौनमुरी में लकड़ियों से अस्थायी पुल का निर्माण कर डाला।
वहीं, क्षेत्र के युवाओं ने एक दिन पूर्व हरकोट के पूर्व प्रधान खुशाल सिंह, राजू सेनिया, पूरन सिंह सेनिया, नंदन सिंह और खुशाल सिंह आदि ने हरकोट में अस्थायी पुल का निर्माण किया है। ग्रामीणों ने बंद पड़ी सड़क को शीघ्र खोलने की मांग की है।
टांगा : दो लोग अब भी लापता, 9 शव निकाले जा चुके हैं
मदकोट। टांगा गांव में 19 जुलाई की रात आई भीषण आपदा में दो लोग अब भी लापता है जबकि 9 के शव बरामद हुए हैं।
लापता जीत राम और पार्वती देवी का पता लगाने के लिए शनिवार को भी एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और आईटीबीपी के जवानों ने दिन भर मलबे में ढूंढ खोज की, लेकिन सफलता नहीं मिली। टांगा गांव में जीत राम पुत्र हुड़किया राम, पार्वती देवी पत्नी जीत राम, रोशन कुमार पुत्र जीत राम, माधो सिंह पुत्र चंद्र सिंह, तुलसी देवी पत्नी माधो सिंह, गणेश सिंह पुत्र माधो सिंह, हीरा देवी पत्नी गणेश सिंह, दिव्यांशु पुत्र गणेश सिंह, लक्की पुत्री गणेश सिंह, कुसुमा देवी पत्नी भीम सिंह, प्रतिमा देवी पत्नी खुशाल सिंह लापता हो गए थे।