पिथौरागढ़। सीमांत जिले में सरकारी शिक्षा व्यवस्था दम तोड़ रही है। जिला मुख्यालय के सबसे नजदीकी विकासखंड बिण में संचालित 10 इंटर कॉलेज इसका प्रमाण हैं। इन कॉलेजों में प्रवक्ताओं के 24 पद रिक्त हैं। ऐसे में इनमें दो हजार से अधिक विद्यार्थी बगैर गुरु के ज्ञान लेने के लिए मजबूर हैं।
बिण विकासखंड के जिला मुख्यालय में संचालित केएनयू राजकीय आदर्श इंटर कॉलेज में 18 प्रवक्ता पदों के सापेक्ष हिंदी, संस्कृत, समाज शास्त्र, मनोविज्ञान, भूगर्भ विज्ञान, वाणिज्य विषय के सात पद रिक्त हैं। एसडीएस जीआईसी और गुरना में 23 प्रवक्ताओं के सापेक्ष भूगोल, समाज शास्त्र के दो-दो पद रिक्त हैं। जीआईसी गोरंगचौड़ में नौ पदों के सापेक्ष हिंदी, राजनीतिक विज्ञान के दो-दो प्रवक्ता नहीं हैं। जीआईसी बांस में नौ प्रवक्ता पदों के सापेक्ष हिंदी, अंग्रेजी विषय के दो पद रिक्त हैं। जीआईसी रोड़ीपाली में 10 पदों और जीआईसी दिगतोली में पांच पदों के सापेक्ष अर्थशास्त्र विषय के एक-एक प्रवक्ताओं के पद रिक्त हैं। जीआईसी कुम्डार में नौ प्रवक्ता पदों के सापेक्ष जीव विज्ञान विषय के प्रवक्ता नहीं हैं। वहीं जीआईसी चमाली के पांच प्रवक्ता के पांच पदों के सापेक्ष हिंदी, अर्थशास्त्र, राजनीतिक विज्ञान पढ़ाने के लिए शिक्षक नहीं हैं।
-
नए शिक्षा सत्र में प्रवक्ता मिलने की उम्मीद
पिथौरागढ़। बीते शिक्षा सत्र इन विद्यालयों में दो हजार से अधिक विद्यार्थियों ने बगैर प्रवक्ताओं के पढ़ाई की। अब नया शिक्षा सत्र शुरू होने को है। ऐसे में विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को नए शिक्षा सत्र में प्रवक्ता मिलने की उम्मीद है। शिक्षा विभाग भी जल्द प्रवक्ताओं के रिक्त पदों पर तैनाती के दावे कर रहा है। संवाद
-
कोट-जिले में प्रवक्ताओं के रिक्त पदों की सूचना निदेशालय को दी गई है। बिण में रिक्त पदों पर 16 अस्थायी प्रवक्ताओं की तैनाती की गई है, ताकि विद्यार्थियों की शिक्षा प्रभावित न हो सके। जिले को नए प्रवक्ता मिलने की उम्मीद है।
तरुण कुमार पंत, सीईओ, पिथौरागढ़