बुधवार को फिर यात्रियों को एमआई-17 हेलीकॉप्टर से दर्शन के लिए ले जाया जाएगा। 15 अप्रैल से पिथौरागढ़ से गुंजी हेली और फिर यहां से ज्योलिंगकांग आदि कैलाश हेली और फिर यहां से नाभीढांग ओम पर्वत यात्रियों को हेली से ले जाया जाएगा। जिसके बाद यात्री गुंजी, नाभी, नपल्च्यू में तीन दिन रुकेंगे। जिससे स्थानीय गाइड और अन्य लोगों को फायदा मिलेगा। यात्रियों के लिए नया विंटर एडवेंचर पर्यटन विकसित हुआ है।
सात दिनों तक चलेगा वन डे पैकेज
सात दिनों तक आदि कैलाश और ओम पर्वत यात्रा के लिए वन डे पैकेज रहेगा। 10 अप्रैल से चार दिवसीय पैकेज शुरू हो जाएगा। यात्रा का मुख्य उद्देश्य सीमांत में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देकर लोगों की आय में सुधार करना है।
जिला पर्यटन विकास अधिकारी किर्ती चंद्र आर्या ने बताया कि भविष्य में धार्मिक पर्यटन बढ़ने की बहुत ज्यादा संभावना है। इस योजना से स्थानीय होम स्टे संचालकों को जोड़ा जाएगा। जिससे स्थानीय स्तर पर पलायन रुकेगा और लोगों को स्वरोजगार अवसर मिलेंगे। उन्होंने बताया कि तीन अप्रैल को यात्रियों का अगला दल आदि कैलाश दर्शन के लिए जाएगा। 15 अप्रैल 2024 से 10 मई 2024 तक आदि कैलाश और ओम पर्वत की चार से पांच दिवसीय यात्रा कराई जाएगी। पहले दिन दिल्ली से पिथौरागढ़ की यात्रा सड़क मार्ग और दूसरे दिन पिथौरागढ़ से गुंजी हेली, तीसरे दिन गुंजी ज्योंलिंगकांग आदि कैलाश की यात्रा हेली से कराई जाएगी। इसके अलावा ऑल टेरेन व्हीकल के माध्यम से पार्वती सरोवर, शिव पार्वती मंदिर और आदि कैलाश के दर्शन कराने के बाद पर्यटकों को हेली से गुंजी वापस लाया जाएगा। चौथे दिन गुंजी से नाबीढांग हेली से ओम पर्वत के दर्शन कराए जाएंगे। इसके बाद यात्रियों को नाभी, गुंजी, नपल्च्यू में रात्रि विश्राम कराया जाएगा। पांचवे दिन यात्रियों को गुंजी से पिथौरागढ़ हेली से पहुंचाया जाएगा।