पिथौरागढ़। डीजल के दाम में हुई बढ़ोतरी और उत्तराखंड देवभूमि ट्रक ऑनर्स महासंघ की ओर से मालभाड़ा बढ़ाने के फैसले के बाद महंगाई की चिंगारी आम जनता के घरों तक पहुंचना तय है। लोगों के लिए अब अपने सपनों का घर बनाना महंगा हो जाएगा। मालभाड़े में हुई वृद्धि का असर कुछ क्षेत्रों में तो दिखने लगा है और आने वाले दिनों में साग-सब्जी तथा खाद्य पदार्थों तक के दामों में भी उछाल आने की पूरी संभावना है।
ईंधन के दामों में वृद्धि का सीधा संबंध मालभाड़े में वृद्धि और महंगाई से हैं। मालभाड़ा बढ़ने के बाद सीमांत जिले में सीमेंट सहित अन्य निर्माण सामग्रियों की कीमत में वृद्धि हुई है। हालांकि सब्जी और परचून के सामान के दाम फिलहाल स्थिर हैं। उत्तराखंड देवभूमि ट्रक ऑनर्स महासंघ की ओर से मालभाड़े में 30 रुपये प्रति क्विंटल तक वृद्धि करने के निर्णय के बाद जिले के लोगों पर महंगाई की मार पड़ी है। हार्डवेयर की दुकान के संचालक संतोष चंद ने बताया कि मालभाड़ा बढ़ने से मंगलवार को सीमेंट के एक कट्टे के दाम में पांच से 10 रुपये तक की वृद्धि हुई है।
टकाना क्षेत्र के धोबीघाट में परचून की दुकान के संचालक त्रिभुवन कुंवर ने बताया कि यदि उनके यहां सोमवार को ही माल लेकर ट्रक आया है, फिलहाल अभी रेट नहीं बढ़े हैं। उन्होंने कहा कि यदि मालभाड़ा बढ़ा तो सामग्री के दाम बढ़ना तय है। सब्जी विक्रेता जगदीश ने बताया कि मालभाड़ा बढ़ने पर सब्जियों के दाम में करीब दो से पांच रुपये प्रति किलो तक वृद्धि हो सकती है। संवाद