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मकान में मलबा आने से मां-बेटे की मौत

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बैतड़ी (नेपाल)। नेपाल के बैतड़ी जिले में भूस्खलन के मलबे में दबने से मां-बेटे की मौत हो गई। गोशाला में बंधे जानवर घायल हो गए हैं। पुलिस ने शवों को मलबे से निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
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बैतड़ी प्रहरी कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, बृहस्पतिवार रात 12 बजे तेज बारिश के बाद कई जगह मलबा आ गया। डिलाशैनी गांव पालिका वार्ड नंबर चार के बलाली गांव में पशुपति बोहरा के मकान पर भी मलबा गिरा, जिसके नीचे दबकर पशुपति बोहरा (40) वर्ष और उसके बेटे 12 वर्षीय रिकेश की मौत हो गई।
बगल के कमरे में सो रहे दो बच्चे सुजीत और सुनीता बच गए। प्रहरी निरीक्षक किसान चंद ने बताया शवों को निकालकर पोस्टमार्टम के लिए गोकुलेश्वर अस्पताल भेज दिया गया है। मृतका का पति पिथौरागढ़ में मजदूरी करता है। लॉकडाउन के बाद सीमा पुल बंद होने से नेपाल नहीं आ पा रहा है।
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अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए झूलापुल खुला
झूलाघाट (पिथौरागढ़)। बैतड़ी में हुई बहन की मौत की सूचना के बाद भारत में रह रहे तीन नेपाली युवक शवयात्रा में शामिल होने के लिए नेपाल गए। युवकों के अनुरोध पर शुक्रवार सीमा पुल खुला। पुल से बैतड़ी और बझांग जिलों के कुल पांच लोग नेपाल गए।
शुक्रवार शाम 3.50 बजे दोनों देशों के अधिकारियों की सहमति पर झूलापुल खोला गया। पुल से तीन नेपाली नागरिक बहन की शवयात्रा में शामिल होने के लिए नेपाल गए। पुल खुलने की सूचना पर भूस्खलन में परिजनों की मौत की सूचना पाकर जोगाराम और उनका भतीजा महेश भी पहुंच गए। एसएसबी ने इस बारे में जिला प्रशासन और अधिकारियों को सूचना दी। दोनों देशों के अधिकारियों की सहमति पर एसएसबी ने मानवता दिखाकर इन्हें भी नेपाल भेज दिया। सीमा पुल पर एसएसबी के निरीक्षक रणवीर सिंह, एसएसआई केएस ग्वाल, डॉ. प्रकाश पंगरिया, फार्मासिस्ट सुरेंद्र चौहान मौजूद रहे।
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