प्रदेश सरकार पर आपदा प्रभावितों की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए धारचूला के विधायक हरीश धामी ने शुक्रवार को जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में दो घंटे का उपवास रखा। विधायक के समर्थन में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी उपवास रखकर धरना दिया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की।
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार शुक्रवार सुबह विधायक हरीश धामी पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ कलक्ट्रेट पहुंचे और धरने पर बैठ गए। धारचूला विधान सभा क्षेत्र आपदा से जूझ रहा है। बंगापानी और मुनस्यारी तहसील क्षेत्रों में आपदा से 19 लोगों की मौत हो चुकी है। आपदा से गांव पूरी तरह तबाह हो गए हैं। लोगों को जंगलों और खेतों में रहने को मजबूर होना पड़ रहा है।
सरकार ने पर्याप्त टेंट तक नहीं दिए हैं। गांवों तक जाने के लिए रास्ते नहीं हैं। नदी नालों के पुल बह गए हैं। सैकड़ों परिवार संकट में हैं इसके बावजूद प्रदेश के मुख्यमंत्री ने एक बार भी इस आपदा प्रभावित क्षेत्र में आकर हालात जानने की कोशिश नहीं की। क्षेत्र की सड़कें बंद होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने मुनस्यारी में स्थायी एसडीएम की तैनाती की मांग भी की। धरने में मौजूद कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता मथुरा दत्त जोशी, एडवोकेट रमेश कापडी ने भी त्रिवेंद्र सरकार पर उपेक्षा का आरोप लगाया।
पूर्व अध्यक्ष मुकेश पंत और प्रदीप पाल ने कहा कि मुख्यमंत्री को क्षेत्र के आपदा पीड़ितों की सुध लेनी चाहिए। इस अवसर पर दीपक लुंठी, ऋषेंद्र महर, जिलाध्यक्ष त्रिलोक महर, जावेद, दीनू तिवारी, जगदीश बिष्ट, जगत महर, आशीष हावर्ड, चंचल बोरा, दिनेश बिष्ट, रजत विश्वकर्मा, मनोज धामी, जगदीश लुंठी, कोमल साही, गणेश दानू, रोहित, प्रकाश देवली, मन्नू ठकुराठी, विक्रम दानू, शकुंतला दताल, बाब कन्याल आदि कार्यकर्ता मौजूद रहे।