कनालीछीना विकासखंड के सतगढ़ एकादशी और सिंगाली मेले में पंचकोटी देवताओं का आशीर्वाद लेने के लिए भक्तों की भारी उमड़ी। देवडांगरों ने अवतरित होकर भक्तों को आशीर्वाद दिया।
शनिवार को सतगढ़ के छुरमल मंदिर में लगने वाली एकादशी मेले में सुबह से ही भक्तों की भारी उमड़ी। मेले में पलेटा, पनखोली, कनालीछीना, पाली, रतोली सहित कई स्थानों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। लोगों ने पंचकोटी देवता कासिन, छुरमल, गोरिल, बेताल, असुरल, दानू की पूजा कर गांव और क्षेत्र में सुख शांति की कामना की। सिंगाली और गर्खा के शीर्ष में स्थित धनलेख में एकादशी को लगने वाले वाले मेले में भक्तों ने छुरमल देवता के मंदिर में पूजा-अर्चना की। हर साल धनलेख में नवरात्रि के बाद एकादशी को छुरमल देवता को मेला लगता है।
क्षेत्र की सबसे ऊंची पहाड़ी में स्थित मंदिर में लगने वाला यह मेला इस क्षेत्र का सबसे बड़ा मेला है। सोमवार को लगे मेले में परंपरानुसार क्षेत्र से ध्वज पताकाओं और ढोल, नगाड़ों के साथ धार्मिक जातें पहुंचीं। मेले में सिंगाली, गर्खा, जौरासी, सूनाकोट सहित अन्य स्थानों से जातें आईं। प्रत्येक जात के पहुंचते ही मेले में आस्था का रंग आ गया। दिन भर धार्मिक जातों के आने का सिलसिला जारी रहा। अस्कोट और डीडीहाट क्षेत्र के वनराजि भी मेले में पहुंचे।
कांग्रेस के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष भुवन कापड़ी ने लिया छुरमल देवता का आशीर्वाद
पिथौरागढ़। कांग्रेस के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष भुवन कापड़ी ने छुरमल देवता मंदिर सतगढ़ पहुंचकर पूजा, अर्चना कर देवताओं का आशीर्वाद लिय। इस दौरान लोगों ने उनका स्वागत किया। कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष का कहना है कि आगामी विस चुनाव 2022 में कांग्रेस की सरकार आने के बाद एकादशी मेले को राजकीय घोषित किया जाएगा।
भुवन का कहना है कि सीमांत जनपद में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। भाजपा सरकार ने पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण कोई भी विशेष कार्य यहां नहीं किया है। उन्होंने कहा कि सरकार आते ही सीमांत जिले में पर्यटन गतिविधियां बढ़ाने के लिए तमाम कार्य किए जाएंगे। इस मौके पर पूर्व विधि आयोग के उपाध्यक्ष एडवोकेट रमेश कापड़ी, कैलाश कापड़ी, पीतांबर कापड़ी सहित कई तमाम लोग मौजूद रहे।