कनालीछीना के चौकोड़ी में इस स्थान पर डिग्री कॉलेज के नाम पर अधूरी बिल्डिंग बनाकर कार्य छोड़ दिया
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कनालीछीना (पिथौरागढ़)। राजकीय इंटर कॉलेज (जीआईसी) प्रबंधन ने कनालीछीना में डिग्री कॉलेज के संचालन के लिए स्कूल के कमरे देने का निर्णय लिया है। विद्यालय प्रबंधन का कहना है कि पहले भी यहां पर पॉलिटेक्निक की कक्षाएं संचालित हो चुकी है। कॉलेज में व्यवस्थाएं होने तक इसी स्कूल में कक्षाओं का संचालन किया जा सकता है।
पुष्कर सिंह धामी के दोबारा से सीएम बनने के बाद कनालीछीना के लोगों को कॉलेज बनने की उम्मीद जगी है। कुछ समय पूर्व पिथौरागढ़ महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अशोक नेगी ने मिताड़ीगांव में कॉलेज निर्माण के लिए भूमि का चयन किया था। यहां ग्रामीणों ने 250 नाली भूमि कॉलेज निर्माण के लिए देने की निर्णय लिया है लेकिन यह गांव एनएच से तीन किमी से अधिक की दूरी पर है। ऐसे में वहां पहुंचना छात्रों के लिए थोड़ा मुश्किल हो सकता है। कॉलेज संचालन की उम्मीद बढ़ते ही कॉलेज निर्माण के लिए लोग अपनी तरफ से पहल कर रहे हैं। जीआईसी के प्रधानाचार्य हेम जोशी ने बताया कि कॉलेज संचालन के लिए वे स्कूल के भवन देने के लिए तैयार हैं। उन्होंने बताया कि जीआईसी में पर्याप्त कमरे हैं। इनमें कॉलेज की कक्षाओं का संचालन किया जा सकता है। इनमें पहले भी भवन निर्माण अवधि में तीन साल तक जीआईसी के भवनों में पॉलिटेक्निक की कक्षाओं का संचालन हो चुका है।
जीआईसी के बगल में बना है कॉलेज भवन
कनालीछीना (पिथौरागढ़)। पूर्व में बीएडीएपी मद से कॉलेज भवन का निर्माण जीआईसी के पास ही कुछ साल पूर्व किया गया है। करीब 10 लाख रुपये की लागत से छह कमरों का निर्माण किया गया है। इसके बावजूद यहां कॉलेज संचालन के लिए कोई कार्यवाही नहीं हुई।
डिग्री कॉलेज कनालीछीना को मिताड़ीगांव में बनाने का विरोध
पिथौरागढ़। कनालीछीना में स्वीकृत डिग्री कॉलेज के मिताड़ीगांव में बनाने की कवायद से लोगों में आक्रोश है। पूर्व दर्जा राज्यमंत्री ने हरीश उपाध्याय ने डीएम को पत्र सौंपा। बताया कि कनालीछीना सभी जगहों का केंद्र बिंदु है। वहां पर 2010-11 में 10 लाख की लागत से दो टिनशेड और शौचालय बनाए गए हैं। उन्होंने कहा कि इससे पहले कनालीछीना में स्वीकृत डिग्री कॉलेज को राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के कारण मुवानी स्थानांतरित कर दिया गया था। जिस स्थान पर कनालीछीना में डिग्री कॉलेज का अधूरा निर्माण है, उसके बगल में जीआईसी और पॉलीटेक्निक है। डिग्री कॉलेज के लिए बड़ा खेल मैदान भी है। अब डिग्री कॉलेज को कनालीछीना से मिताड़ीगांव पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर पहले से चयनित जगह पर डिग्री कॉलेज नहीं चलाया गया तो आंदोलन किया जाएगा।