सीमांत तहसील मुख्यालय धारचूला की लचर संचार सेवाओं से नाराज उपभोक्ताओं ने सोमवार को बीएसएनएल दफ्तर के सामने धरना दिया।
ब्लॉक प्रमुख नेत्र सिंह कुंवर ने कहा है कि यदि संचार सेवाओं में सुधार नहीं आया तो धरने को क्रमिक अनशन में बदल देंगे।
धारचूला की टेलीफोन सेवा महीने में मात्र सात दिन ही काम करती है। अन्य दिनों न तो इंटरनेट काम करता है और न लोग फोन से कहीं बात कर पाते हैं।
ब्लॉक प्रमुख नेत्र सिंह कुंवर का कहना है कि बीएसएनएल के अधिकारी सेवा में सुधार लाने के बजाए बदतमीजी से पेश आते हैं।
उन्होंने कहा कि बीएसएनएल ने कोटेरा और ठाणीधार में नए टावर तो लगाए लेकिन इनको चालू नहीं किया गया है। एक तरफ सरकार डिजीटल इंडिया की बात कर रही है, दूसरी ओर सीमांत के लोग आपस में बात करने के लिए तक तरस गए हैं।
ब्लॉक प्रमुख ने कहा कि अब बीएसएनएल के खिलाफ व्यापक आंदोलन छेड़ा जाएगा। बीएसएनएल के एसडीओ केसी राजन ने हमेशा की तरह इस बार भी केबल कटने और सर्वर में खराबी के कारण समस्या पैदा होने की बात कही। धरने पर अब्दुल कलाम, नंदा बिष्ट, इंद्रा देवी, भूपेंद्र थापा, ओपी वर्मा, ईश्वर सिंह बिष्ट, किशन फिरमाल आदि उपभोक्ता बैठे।