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मणकनाली-सुरखाल पाठक सड़क के लिए प्रदर्शन

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गंगोलीहाट के मणकनाली में प्रदर्शन करते ग्रामीण। (संवाद न्यूज - फोटो : PITHORAGARH
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गंगोलीहाट (पिथौरागढ़)। ग्रामीणों ने मणकनाली-सुरखाल पाठक सड़क के लिए सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने शासन प्रशासन पर वादा खिलाफी का आरोप लगाया। ग्रामीणों ने कहा 21 दिन बीतने के बाद भी कोई समाधान नहीं हुआ।
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सोमवार को ग्रामीणों ने मणकनाली में एकत्र होकर सरकार के खिलाफ नारे लगाए। ग्रामीणों ने कहा सिर्फ झूठे आश्वासन देकर गुमराह किया जा रहा है। पूर्व में वार्ता के बाद प्रशासन के अधिकारी पैदल चलने से डर रहे हैं। ग्रामीणों ने कहा स्थानीय जनता कैंप का विरोध करती है और अधिकारियों से पैदल मार्ग से ही गांव में आने की अपील करती है। ताकि उन्हें सड़क की वास्तविक स्थिति पता चल सके। ग्रामीणों ने कहा प्रशासन को दर्द का पता चले कि हम किस तरह रोज छह किमी खड़ी चढ़ाई पार कर गंगोलीहाट पहुंचते हैं। ग्रामीणों ने कहा अब समस्त क्षेत्रवासी चार अगस्त को चामुंडा मंदिर गेट से तहसील प्रांगण तक एक विशाल रैली का आयोजन कर उग्र प्रदर्शन करेंगे। प्रदर्शन में कई गांवों के ग्रामीण शामिल रहे।
ग्रामीणों के समर्थन में बैठे लोग
गंगोलीहाट (पिथौरागढ़)। गंगोलीहाट बाजार में मणकनाली-सुरखाल पाठक मोटर मार्ग निर्माण संघर्ष समिति का आज 22 वें दिन भी आंदोलन जारी रहा। ग्रामीणों ने कहा जब तक मांग पूरी नहीं होती अनिश्चितकाल तक क्रमिक अनशन जारी रखेंगे। क्रमिक अनशन में गानुरा के राजेंद्र सिंह, मोहन सिंह हेमंत सिंह, धर्म सिंह बैठे हैं। उनके समर्थन में अध्यक्ष ललित सिंह, उपाध्यक्ष विक्रम सिंह, लाल सिंह भंडारी, हर सिंह, गोविंद सिंह, शेर सिंह, दीवान सिंह, दर्पण कुमार भी बैठे। (संवाद)
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मौराड़ी के ग्रामीणों ने दी कलक्ट्रेट में प्रदर्शन की चेतावनी
चंपावत। जिला मुख्यालय की समीपवर्ती मौराड़ी ग्राम पंचायत के ग्रामीणों गांव में बुनियादी सुविधाओं की कमी और विकास कार्य नहीं होने के विरोध में 12 अगस्त से कलक्ट्रेट में धरना प्रदर्शन शुरू करने की चेतावनी दी है। इस संबंध में सोमवार को ग्रामीण दुर्गादत्त भट्ट की अध्यक्षता में हुई बैठक में सर्व सम्मति से निर्णय लिया गया। ग्रामीणों का कहना था गांव में न तो सड़क की सुविधा ही है और न ही एएनएम सेंटर, संपर्क मार्गों का अभाव होने के साथ कई तोकों में अब तक बिजली पानी जैसी जरूरी सुविधाओं की भारी कमी है। कई बार जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक नुमाइंदों को समस्याओं की जानकारी देने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इससे ग्रामीणों के समक्ष अब आंदोलन शुरू करने के अलावा कोई दूसरा चारा नहीं बचा है। इस मौके पर रमेश चंद्र, जय दत्त, दिनेश कुमार, महेश चंद्र, गोपाल आदि ग्रामीण मौजूद रहे।(संवाद)
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