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भारत-नेपाल सीमा: कालापानी विवाद को हवा देने में जुटे नेपाल के राजनीतिक दल

Mon, 02 Aug 2021 11:52 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, धारचूला (पिथौरागढ़)

सार

31 जुलाई को दार्चुला में प्रदर्शन के बाद सोमवार को नेपाल के कंचनपुर, धनगढ़ी, काठमांडो में संगठन ने प्रदर्शन कर भारत विरोधी नारे लगाए।
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भारत-नेपाल सीमा - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
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विस्तार
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पांगला के गस्कू में अवैध रूप से तार के सहारे काली नदी पार करते समय नदी में गिरने के बाद लापता हुए नेपाली नागरिक जय सिंह धामी के मामले की आड़ में नेपाल के कुछ राजनीतिक दल कालापानी विवाद को हवा देने में जुट गए हैं। सोमवार को नेपाल के विभिन्न जिलों में भारत और एसएसबी के खिलाफ एमाले ने प्रदर्शन किया तथा भारतीय सेना कालापानी छोड़ो के नारे लगाए।

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तीन दिन पहले नेपाल के दार्चुला निवासी जय सिंह धामी पांगला के निकट गस्कू में तार के सहारे अवैध रूप से काली नदी पार कर भारत आ रहा था। इसी दौरान तार के साथ उलझकर वह नदी में बह गया था। इस घटना की सूचना जय सिंह के साथ नेपाल से आई एक महिला और चार पुरुषों ने गश्त कर रहे एसएसबी जवानों को दी थी। इस मामले को नेपाल का एमाले संगठन अब तूल देते हुए कालापानी के मुद्दे को हवा देने का प्रयास कर रहा है।

31 जुलाई को दार्चुला में प्रदर्शन के बाद सोमवार को नेपाल के कंचनपुर, धनगढ़ी, काठमांडो में संगठन ने प्रदर्शन कर भारत विरोधी नारे लगाए। नेपाल के तमाम मीडिया में प्रदर्शनकारी ‘भारतीय सेना कालापानी छोड़ो’ के नारे लगाते नजर आए। इसे नेपाल के कुछ भारत विरोधी राजनीतिक दलों की ओर से भारत-नेपाल के बीच बने रोटी बेटी के रिश्तों को बिगाड़ने की कोशिशों के रूप में देखा जा रहा है। 
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नेपाल गृह मंत्रालय की टीम मंगलवार को पहुंचेगी दार्चुला
सूत्रों के अनुसार नेपाल में धरना-प्रदर्शन के बाद नेपाल सरकार ने मामले की जांच के लिए एक टीम गठित कर दी है। टीम के संयोजक एवं गृह मंत्रालय के सहायक सचिव जनार्दन गौतम के नेतृत्व में नेपाल प्रहरी नायब महानिरीक्षक डीआईजी पुरुषोत्तम कंडेल, राष्ट्रीय अनुसंधान विभाग एनआईडी के अनुसंधान निदेशक हुतराज थापा और सशस्त्र प्रहरी बल एपीएफ के वरिष्ठ उपनिरीक्षक एसएसपी सुरेश कुमार श्रेष्ठ के दार्चुला आने की बात कही जा रही है। जिला प्रशासन कार्यालय दार्चुला की सहायक प्रमुख जिलाधिकारी ज्योत्स्ना भट्ट भी जांच समिति टीम में शामिल हैं। बताया जा रहा है कि इस समिति को दस दिन के भीतर गृह मंत्रालय को रिपोर्ट सौंपनी है। 

भारत और नेपाल के बीच आवाजाही के लिए झूलापुल बने हैं। इसके बावजूद कुछ लोग अवैध रूप से काली नदी में तार लगाकर आवागमन करते हैं। गस्कू में जो घटना हुई, उसमें भी नेपाल से तार के सहारे अवैध रूप से भारत की ओर आ रहा युवक तार में उलझकर काली नदी में बह गया था। साथ में आए अन्य नेपाली नागरिकों की सूचना पर एसएसबी के गश्ती दल ने मौके पर पहुंचकर ढूंढखोज की थी लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका। एसएसबी अवैध रूप से काली नदी में लगाए तारों को हटाती है। इसके बावजूद इन तारों को फिर से लगा दिया जाता है। युवक के बहने के मामले में एसएसबी पर जो आरोप लगाए जा रहे हैं वे पूरी तरह से गलत हैं। एसएसबी ने जरूरत पड़ने पर हमेशा नेपाली नागरिकों की मदद की है। 
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- महेंद्र प्रताप सिंह, सेनानी एसएसबी

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