पिथौरागढ़ में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते वंचित राज्य आंदोलनकारी। संवाद न्यूज एजेंसी
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पिथौरागढ़। वंचित राज्य आंदोलनकारियों ने शासन-प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन कर नारे लगाए। उन्होंने कहा कि वास्तविक आंदोलनकारियों की अनदेखी की जा रही है जबकि राज्य की लड़ाई में कई लोगों ने अपना अहम योगदान दिया। इसके बावजूद आंदोलनकारी का दर्जा पाने के दर-दर भटक रहे हैं।
धरना स्थल रामलीला मैदान टकाना में मंगलवार को वंचित राज्य आंदोलनकारियों ने नारे लगाए और सरकार के खिलाफ धरना दिया। वंचित राज्य आंदोलनकारियों ने कहा कि उन्होंने राज्य की लड़ाई में अपना योगदान दिया। जेल गए, पुलिस के डंडे खाए जबकि अभिलेखों को पुलिस ने नष्ट कर दिया है जिस कारण उन्हें आंदोलनकारी का दर्जा नहीं मिला है।
उन्होंने सरकार से अखबार को मानक मानकर और पूर्व में चिह्नित दो आंदोलनकारियों की पुष्टि के आधार पर वंचित लोगों को राज्य आंदोलनकारी का दर्जा देने की मांग की है। इस दौरान वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी राजेंद्र भट्ट, महेंद्र सिंह लुंठी, समिति अध्यक्ष उमा पांडेय, केंद्रीय प्रवक्ता किशोर पाठक, उपाध्यक्ष पवन पाटनी, सुरेेश कसनियाल, भगवान बल्लभ पंत, गोविंद बोरा, जीवन राम आदि रहे।