पिथौरागढ़। भाव राग ताल नाट्य अकादमी ने संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार और उत्तर मध्य सांस्कृतिक केंद्र प्रयागराज के सहयोग से टकाना रामलीला मैदान में भरत रंगोत्सव के तीसरे दिन प्रतिभा सांस्कृतिक संस्थान ने महाकवि भास रचित नाटक का मंचन किया। नाटक मंचन को लेकर बड़ी संख्या में लोग उपस्थित हुए।
नाटक का निर्देशन भूमिकेश्वर ने किया। नाटक महाभारत से लिया एक प्रसंग था। इसमें श्री कृष्ण और दुर्योधन बीच वार्ता हुई। नाटक में पांडवों की ओर से श्री कृष्ण शांति दूत बनकर दुर्योधन से युद्ध रोकने का आग्रह करते हैं। मंच पर सभी कलाकारों ने आंगिक अभिनय और संवादों की एक अमिट छाप दर्शकों के दिलों में उतार दी। इस मौके पर मुख्य अतिथि तपन सिंह रावत, ऋषेंद्र महर, राजेश्वरी कापड़ी, भावना मासीवाल मौजूद रहे। सभी ने कहा कि रंगोत्सव को पिथौरागढ़ में रंगमंच को नया आयाम देगा। इस दौरान आरंभ स्टडी सर्कल ने पुस्तक और आर्ट गैलरी ने प्रदर्शनी लगाई। नाटक के सफल मंचन के लिए भाव राग ताल नाट्य अकादमी के कैलाश कुमार ने सभी का आभार प्रकट किया।