बिण में आयोजित कार्यशाला में मौजूद वैज्ञानिक और जन प्रतिनिधि।
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पिथौरागढ़। अमृत भारत महोत्सव के तहत गोविंद बल्लभ पंत राष्ट्रीय हिमालयी पर्यावरण संस्थान कोसी कटारमल ने राष्ट्रीय हिमालयी अध्ययन मिशन के सहयोग से बिण विकासखंड में कार्यशाला आयोजित की गई।
सरकारी, गैर सरकारी, ग्राम पंचायत, वन पंचायत के प्रतिनिधियों के साथ हुई कार्यशाला का उद्देश्य अवक्रमित भूमि पर पुन: स्थापना कार्यक्रमों को बढ़ावा देना था। संस्थान से आए वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. आईडी भट्ट ने कैलाश भू क्षेत्र में संस्थान और परियोजना के तहत किए गए कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने सरकारी और गैर सरकारी संस्थाओं को सम्मिलत कर कार्यों को बढ़ावा देने की अपील की।
मुख्य अतिथि ब्लॉक प्रमुख लक्ष्मी गोस्वामी ने कैलाश भूक्षेत्र में संस्थान की ओर से किए गए विकास कार्यों को सराहना कर अपने क्षेत्र में अवक्रमित भूमि के पुन: स्थापन के लिए संस्थान से सहयोग की अपील की। विशेष अतिथि बीडीओ बालम सिंह बिष्ट ने संस्थान के साथ मिलकर बिण में चल रहीं योजनाओं के साथ मिलकर करने की बात कही। कार्यक्रम में मौजूद प्रतिनिधियों ने क्षेत्र में अवक्रमित भूमि के पुन: स्थापन में आने वालीं समस्याओं के बारे में बताया।
संस्थान की देखरेख में अन्य संबंधित सरकारी संस्थाओं की ओर से विचार-विमर्श कर इस समस्या का समाधान निकालने की बात कही। कार्यशाला में कृषि, उद्यान, मनरेगा, भेषज, एचआरडीआई, डीआरडीओ, विकासखंड के विभिन्न ग्राम पंचायतों से आए 40 जनप्रतिनिधियों और वैज्ञानिक डॉ. विक्रम नेगी, डॉ. सुबोध ऐरी, विभाष ध्यानी, कैलाश मौजूद रहे।