पिथौरागढ़/चंपावत। दीपों का त्योहार दिवाली सिर पर है लेकिन हार्डवेयर की दुकानें सूनी पड़ी हैं। दुकानों में पड़ा पेंट लोगों की राह ताक रहा है। व्यापारी भी ग्राहकों का इंतजार कर रहे हैं। पहले कोरोना की मार और फिर बीते दिनों आई आपदा के कारण सीमांत जिले में आपूर्ति पूरी तरह सुचारु नहीं हो पाई है।
महंगाई बढ़ने के कारण भी लोग पहले के मुकाबले कम ही बाजार का रुख कर रहे हैं। इससे व्यापारियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पिछले साल की तुलना में इस बार मुश्किल से 40 फीसदी व्यापार हो पाया है। हर साल इस समय व्यस्त रहने वाले हार्डवेयर व्यापारी खाली बैठे। दुकानों में इक्का दुक्का ग्राहक ही पेंट की खरीदारी के लिए आ रहे हैं।
पुताई के सामान में पिछले वर्ष की तुलना में दामों में करीब 15 फीसदी बढ़ोतरी हुई है। आपदा से प्रभावित होने की वजह से अधिकतर लोगों की क्रय शक्ति कम हो गई है। लोगों की बचत आपदा से क्षतिग्रस्त हुए घरों की मरम्मत में खर्च हो रही है। इस कारण हार्डवेयर व्यवसायियों ने ऑफर भी नहीं दिए हैं।
दीपावली को लेकर शहर में रंग पेंट की बिक्री में थोड़ा सुधार हुआ है। टनकपुर रोड बंद होने से अभी माल हल्द्वानी से मंगाने में कुछ महंगा पड़ रहा है। उसका भी थोड़ा असर है। - गोविंद धामी, शुभम ट्रेडर्स, सिल्थाम
पिछले वर्षों की तरह बिक्री नहीं है। रोड बंद होने से पूरा सामान उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। त्योहार में व्यापार के उछाल मारने की उम्मीद थी लेकिन बंद सड़कों ने सब पर पानी फेर दिया। - योगेंद्र सिंह मेहरा, भगवती हार्डवेयर गंगोलीहाट
कोरोना के बाद मांग में काफी गिरावट आई है। आपदा के कारण रोड बंद होने से सामान भी सारा उपलब्ध नहीं करा पा रहे हैं और तेल के रेट बढ़ने से माल भाड़े में भी वृद्धि हो गई है। - गोविंद भट्ट, भगवती हार्डवेयर, गंगोलीहाट
पिछले वर्षों की भांति दीवाली का इंतजार था, लेकिन इस साल व्यापार में काफी गिरावट आई है। बार-बार सड़क बंद होने से सामान पहुंचने में भी दिक्कत आ रही है। कारोबार पिछले साल जैसा नहीं है। - हरीश मेहता, मेहता ट्रेडर्स, गणाईगंगोली
कोरोना के बाद आई प्राकृतिक आपदा के कारण इस वर्ष दीवाली को लेकर बाजार में खास रौनक नहीं है। दिन पूर्व से ही दुकानों को आकर्षक तरीके से सजाया जाता था, लेकिन इस बार बाजार में ग्राहकों की कमी है। - नरेश गड़कोटी, हार्डवेयर व्यवसायी।
बढ़ती महंगाई, कोरोना महामारी और उसके बाद दैवी आपदा ने लोगों की क्रय शक्ति को कम कर दिया है। दीवाली में मकानों की सफाई और पुताई के लिए लोग महज औपचारिकता निभाने के लिए सीमित मात्रा सामान खरीद रहे हैं। - गोविंद जोशी, व्यवसायी, चंपावत।