झूलाघाट में अंतरराष्ट्रीय सीमा सील होने से बंद पड़ा बाजार। संवाद
बनबसा (चंपावत)। लोकसभा चुनाव को लेकर भारत नेपाल-सीमा सील होने से बनबसा बाजार के कारोबार पर काफी असर पड़ा है। बुधवार बनबसा बाजार में सुनसानी छाई रही। अब बनबसा बाजार की रौनक 20 अप्रैल से लौटने की उम्मीद है।
लोकसभा चुनाव के मद्देनजर मंगलवार शाम पांच भारत-नेपाल सीमा को सील कर दिया गया था। दैनिक उपभोग की वस्तुओं के नेपाली खरीदारों के यहां नहीं पहुंचने से बुधवार को बनबसा बाजार में सुनासनी रही। हालांकि बनबसा बाजार में बुधवार को साप्ताहिक बंदी भी रहती है। व्यापारियों ने 19 अप्रैल को चुनाव के दिन बाजार बंद रखने के चुनाव आयोग के निर्देश से बुधवार को बाजार खोलने का निर्णय लिया था लेकिन सीमा सील होने से नेपाली ग्राहकों के नहीं पहुंचने का असर बाजार पर देखा गया। व्यापार मंडल अध्यक्ष भरत भंडारी ने बताया कि बुधवार को बनबसा बाजार का कारोबार प्रतिदिन की अपेक्षा 60 से 70 प्रतिशत प्रभावित रहा। संवाद
कई घरों में नहीं पहुंचा दूध
बनबसा (चंपावत)। भारत-नेपाल सीमा सील होने से यहां कई घरों में दूध नहीं पहुंच सका। बुधवार को नेपाल नहीं जा पाने से कई दूधिये सीमा से लौटने को विवश हुए। इस कारण यहां कई घरों में दूध का वितरण नहीं हो पाया। संवाद
अंतरराष्ट्रीय पुल सील होने से बंद रहा झूलाघाट का बाजार
संवाद न्यूज एजेंसी
झूलाघाट/धारचूला। लोकसभा चुनाव में सुरक्षा के दृष्टिगत भारत-नेपाल को जोड़ने वाले अंतरराष्ट्रीय पुलों के सील होने से क्षेत्र का बाजार 17 अप्रैल की सुबह से पूर्ण रूप से बंद हो गया है। पुल बंद होने से झूलाघाट में पूरी तरह से सुनसानी छायी रही।
झूलाघाट का पूरा बाजार नेपाल से आने वाले ग्राहकों पर निर्भर है। अंतरराष्ट्रीय झूलापुल सील होने से व्यापारी दुकानें खोलना उचित नहीं समझते हैं। चुनाव के चलते कुछ व्यापारी अपने गांव चले गए हैं। उधर धारचूला में भी झूलापुल बंद होने से नेपाल से आने वाले ग्राहकों की आवाजाही बंद है। इससे बाजार में भी अन्य दिनों की अपेक्षा सन्नाटा रहा। झूलापुल बंद होने से जौलजीबी, बलुवाकोट के पुलों पर भी दोनों देशों के बीच आवाजाही बंद रही। संवाद