पिथौरागढ़। अल्मोड़ा- पिथौरागढ़ लोकसभा सीट में मत प्रतिशत बढ़ाना प्रशासन के लिए इस बार भी चुनौती बना है। पिथौरागढ़ की चार विधानसभाओं में वर्ष 2014 में 53.00 और 2019 के लोकसभा चुनाव में 52.01 प्रतिशत रहा था।
आचार संहिता लागू होते ही स्वीप के तहत जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसके अलावा चुनाव बहिष्कार की चेतावनी देने वाले ग्रामीणों को भी तत्परता से मनाने का कार्य किया गया है। पिथौरागढ़ जिले में चार विधान सभाएं धारचूला, डीडीहाट, गंगोलीहाट और पिथौरागढ़ हैं। इनमें 372720 मतदाता हैं। इनमें सबसे अधिक मतदाता पिथौरागढ़ में हैं। दूसरे स्थान पर गंगोलीहाट विधानसभा है। धारचूला-मुनस्यारी विधानसभा क्षेत्र सबसे दुरस्थ हैं। इस विधानसभा क्षेत्र में सड़कों के अभाव में मतदाताओं को कई किलोमीटर पैदल चलकर मतदान केंद्र तक पहुंचना पड़ता है।
इस बार मत प्रतिशत बढ़ाने के लिए जिला प्रशासन लगातार जागरूकता अभियान चलाए गए हैं। जागरूकता रैली सहित अन्य कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। इसके अलावा मतदान प्रतिशत बढ़ाने लिए बुजुर्ग, दिव्यांग मतदाताओं को घर बैठे मतदान कराने की सुविधा दी गई है। अब देखना यह है कि 2024 के लोक सभा चुनाव में कितना मत प्रतिशत बढ़ता है।