पिथौरागढ़ के दौबांस क्षेत्र में ट्रायल के दौरान सड़क पर चलती बस। संवाद न्यूज एजेंसी
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पिथौरागढ़। नेपाल सीमा से लगे दोबांस में बस पहुंचने पर ग्रामीणों ने खुशी जताई। पहली बार घर के पास बस पहुंचने से ग्रामीण बेहद खुश नजर आए। पीएमजीएसवाई सिंचाई खंड के जेई आनंद प्रसाद ने बताया कि 11 किमी लंबी दोबांस-कठपतिया सड़क का पहले चरण का काम पूरा हो चुका है। इसके बाद सड़क पर बस संचालन का ट्रायल किया गया जो सफल रहा।
द्वितीय चरण में डामरीकरण का काम पूरा होने के बाद बस संचालन और अधिक आसान हो जाएगा। उन्होंने बताया कि पहले चरण में पांच करोड़ से अधिक की लागत से सड़क का निर्माण किया गया है। इसका लाभ धामीगौंड़ा, असुरदेव, दोबांस, बांस गांव की 700 से अधिक आबादी को सड़क सुविधा का लाभ मिलेगा। पहले चरण का सड़क निर्माण पूरा होने पर आरटीओ कार्यालय के अधिकारी ने मौके पर सड़क का निरीक्षण किया। इस दौरान क्षेत्र पंचायत सदस्य खीमराज जोशी, दीपक भंडारी, गणेश जोशी, प्रकाश जोशी आदि मौजूद रहे। बस का ट्रायल सफल रहने पर क्षेत्र के लोगों में खुशी है।
शिक्षा के ये रास्ते चिराली के बच्चों के लिए पथरीले
मूनाकोट (पिथौरागढ़)। ब्लॉक के ग्राम पंचायत चिराली के बच्चे पथरीले और जोखिम भरे रास्तों से पढ़ने जाते हैं। बच्चों के स्कूल से घर आने तक अभिभावकों की सांसें भी थमीं रहतीं हैं लेकिन नौनिहालों को खतरनाक रास्तों को पार कर स्कूल तक पहुंचना पड़ता है।
मूनाकोट ब्लॉक में 30 किमी की दूरी पर स्थित चिराला ग्राम पंचायत के धौन धूरा गांव के 14 बच्चों को पथरीले रास्तों से होकर स्कूल जाना पड़ता है। उनके घर पहुंचने तक अभिभावकों को उनकी चिंता सताती रहती है। क्षेत्र पंचायत सदस्य बीना गुरुंग ने बताया गांव के 14 बच्चे हाईस्कूल गाड़गांव और प्राइमरी स्कूल सेठी गांव पढ़ने जाते हैं। तीन किमी के सफर में 300 मीटर रास्ता बेहद खराब और पथरीला है। जहां पर जरा सी चूक जान जोखिम में डाल सकती है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों ने इस बदहाल रास्ते को सुधारने के बारे में कभी नहीं सोचा। सालों से बच्चे इसी रास्ते पर जान जोखिम में डालकर जाते हैं। कई बार बच्चे इन रास्तों में गिरकर घायल भी हो चुके हैं।