धारचूला विधानसभा की रांथी सड़क।
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पिथौरागढ़। जिले की चार विधानसभाओं में से एक धारचूला विधान सभा सीट ऐसी है जहां से आज तक भाजपा का खाता नहीं खुला। इस सीट से दो बार निर्दलीय तो दो बार कांग्रेस को मिली जीत। भाजपा ने यहां पर हर चुनाव में चेहरे बदले लेकिन कोई भी कमल का फूल खिलाने में कामयाब नहीं हो सका।
उत्तराखंड राज्य गठन के बाद बनी धारचूला सीट वर्ष 2002 में एसटी के लिए आरक्षित थी। 2002 के विधानसभा चुनाव में इस सीट से प्रमुख पार्टी भाजपा ने गोवर्द्धन सिंह और कांग्रेस से प्रद्युम्न सिंह सहित कुल 12 प्रत्याशी मैदान में थे लेकिन सबको पछाड़ते हुए निर्दलीय उम्मीदवार गगन सिंह 12,537 मत लेकर विजयी हुए। कांग्रेस प्रत्याशी प्रद्युम्न सिंह 4670 मत जबकि भाजपा प्रत्याशी गोवर्द्धन को मात्र 1950 मत मिले थे। इस चुनाव में भाजपा काफी पीछे रही।
वर्ष 2007 में भाजपा ने इस सीट से कुंदन सिंह टोलिया को मैदान में उतारा लेकिन भाजपा कोई करिश्मा नहीं कर सकी और इस बार भी 13,308 मत लेकर निर्दलीय गगन सिंह ने जीत दर्ज की थी। भाजपा के कुंदन सिंह को 7995 तो कांग्रेस की उम्मीदवार शकुंतला देवी 4022 मत मिले थे। हालांकि इस चुनाव में भाजपा ने अपनी पिछली स्थिति में सुधार कर दूसरे पायदान पर कदम जरूर रखे।
2012 में यह सीट सामान्य हुई तो भाजपा ने गंगा सिंह पिपलिया को तो कांग्रेस ने हरीश धामी को उम्मीदवार बनाया। चुनाव में धारचूला विधानसभा सीट पर 11 प्रत्याशी मैदान में थे। मुख्य मुकाबला कांग्रेस के हरीश धामी और भाजपा के खुशाल पिपलिया के बीच रहा। हरीश धामी ने भाजपा के खुशाल पिपलिया को 5306 मतों से शिकस्त दी। तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत के लिए हरीश धामी ने विधानसभा की सीट खाली की तो यहां 2014 में हुए उप चुनाव में हरीश रावत ने भाजपा ने बीडी जोशी को 20599 मतों से हराया।
वर्ष 2017 में हुए विधान सभा चुनाव में भाजपा ने फिर चेहरा बदलकर वीरेंद्र सिंह पाल (स्वामी वीरेंद्रानंद) को टिकट दिया लेकिन जीत फिर कांग्रेस के हरीश धामी के हाथ लगी। धारचूला सीट में इस बार जहां कांग्रेस से मौजूदा विधायक हरीश धामी ही टिकट के प्रबल दावेदार हैं वहीं भाजपा से पिछली बार चुनाव लड़ चुके स्वामी वीरेंद्रानंद के अलावा ब्लॉक प्रमुख धन सिंह धामी का नाम भी चर्चाओं में है। अब देखना यह है कि इस बार भी भाजपा धारचूला सीट में कमल का फूल खिलाने के लिए चेहरा बदलेगी या फिर पुराने चेहरे पर दांव खेलेगी। संवाद