डीडीहाट (पिथौरागढ़)। डीडीहाट जिला बनाने की मांग के लिए अनशन पर बैठे दान सिंह देउपा का स्वास्थ्य बिगड़ने पर प्रशासन ने उन्हें उठाकर अस्पताल में भर्ती करा दिया है। उनकी जगह शेर सिंह साही ने लवि कफलिया के साथ आमरण अनशन शुरू किया। आमरण अनशनकारियों को पुलिस और तहसील प्रशासन के जबरन उठाने के प्रयास से लोगों में आक्रोश बढ़ गया है। उनका कहना है कि वह किसी भी कीमत पर डीडीहाट जिला लेकर रहेंगे।
डीडीहाट जिला गठन की मांग को लेकर डीडीहाट के रामलीला मैदान में आमरण अनशन पर बैठे लवि कफलिया और देउपा के स्वास्थ्य में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही थी। चिकित्सकों ने दोनों को तत्काल आमरण अनशन खत्म करने की सलाह दी लेकिन वे जिले के गठन तक अनशन समाप्त न करने की बात पर अड़े रहे।
सोमवार सुबह पौने 11 बजे तहसीलदार शुभांगिनी और थानाध्यक्ष हिमांशु पंत पुलिस बल के साथ अनशन स्थल पर पहुंचे। उन्होंने दोनों अनशनकारियों से अनशन समाप्त करने का आग्रह किया लेकिन दोनों जिले की मांग पूरी करने पर अड़े रहे।
इस पर पुलिस ने आमरण अनशन पर बैठे देउपा को उठाने का प्रयास किया तो जिले के समर्थन में आए लोगों ने तहसील प्रशासन और पुलिस का विरोध कर दिया और नारेबाजी करने लगे। थानाध्यक्ष ने अतिरिक्त पुलिस बल बुलाकर देउपा को जबरन उठाकर एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया। दूसरे आंदोलनकारी लवि कफलिया को पुलिस अस्पताल ले जाने में असफल रही। देउपा के बाद उनके स्थान पर राज्य आंदोलनकारी शेर सिंह साही ने जिले की मांग को लेकर आमरण अनशन शुरू कर दिया है।
धरना स्थल पर केरल पुलिस से सेवानिवृत्त डीजी केएस जंगपांगी, राजू बोरा, गिरधर बोरा, दान सिंह कन्याल, मोहन सिंह कन्याल, कविंद्र साही, करन टोलिया, दीपक कन्याल, गणेश सिंह कन्याल, शेर सिंह चुफाल, खड़क सिंह बोरा सहित सैकड़ों की संख्या में लोग आंदोलन में बैठे। लोगों का कहना है कि डीडीहाट जिला उनका हक है उसे किसी भी कीमत पर लेकर रहेंगे।
चुफाल के न पहुंचने पर लोगों ने उठाए सवाल
डीडीहाट (पिथौरागढ़)। नमामि गंगे कार्यक्रम में शामिल होने डीडीहाट पहुंचे कैबिनेट मंत्री बिशन सिंह चुफाल के धरनास्थल पर न पहुंचने पर लोगों में भारी गुस्सा है। उनका कहना है कि जिला बनाने के लिए सबकोे आगे आना होगा। सरकार में जो डीडीहाट क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं और सरकार की कैबिनेट के अहम सदस्य हैं वे जिले के लिए कोई ठोस पहल नहीं कर रहे हैं। उनके डीडीहाट में होने के बाद भी धरना स्थल न पहुंचना निंदनीय है। संवाद
जिले का गठन खोलेगा विकास के द्वार
डीडीहाट जिले का गठन सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता में होना चाहिए। उत्तराखंड राज्य का गठन करते समय ही छोटी प्रशासनिक इकाई के गठन की बात की जा रही थी। इसके बावजूद डीडीहाट जिले का गठन न होना दुर्भाग्यपूर्ण है। - केएस जंगपांगी, सेवानिवृत्त डीजी केरल पुलिस।
वर्ष 1960 से डीडीहाट जिले की मांग कर रहे हैं। 15 अगस्त 2011 का दिन डीडीहाट के लिए स्वर्णिम था। 2011 में जिले का गठन की घोषणा के बाद भी जनपद स्तरीय प्रशासनिक इकाई का गठन नहीं किया जाना, यहां के लोगों की जनभावनाओं के साथ खिलवाड़ है। - मोहन सिंह मर्तोलिया
डीडीहाट जिले का गठन न करना डीडीहाट के लोगों का अपमान है। भाजपा सरकार ने डीडीहाट जिले की घोषणा करने के बाद अपनी ही घोषणा को गलत साबित किया है। जब तक सरकार नये जिले का गठन नहीं करती तब तक क्षेत्र के लोगों का आंदोलन जारी रहेगा। - इंद्र सिंह खोलिया
जब सेना में भर्ती नहीं हुए थे तब से डीडीहाट जिले की मांग का आंदोलन चला था। आज सेना में सेवा देने के बाद सेवानिवृत्त हो चुका हूं। सरकारों ने आज तक डीडीहाट जिले का गठन नहीं किया है। इससे बड़ा दुर्भाग्य डीडीहाट के लोगों का कुछ नहीं हो सकता है। - मोहन सिंह कन्याल।
नये आमरण अनशनकारी शेर सिंह साही के समर्थन में नारेबाजी करते लोग।- फोटो : PITHORAGARH