पिथौरागढ़/बंगापानी/धारचूला। सीमांत जिले में मानसूनी बारिश आफत बनकर बरसी है। बारिश के बाद मलबा और बोल्डर आने से जौलजीबी-मुनस्यारी हाईवे सहित 16 सड़कें बंद हैं। इन सड़कों पर रफ्तार थमने से क्षेत्र की 40 हजार से अधिक की आबादी को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। चीन सीमा को जोड़ने वाली सोबला-ढाकर सड़क पर भी पहाड़ी दरकने से आठ घंटे तक रफ्तार थमी रही और दोनों तरफ सैकड़ों वाहन और यात्री फंसे रहे।
जिले में बीते सोमवार रात हुई बारिश ने आफत फैलाई। बारिश के बाद पर्यटन नगरी मुनस्यारी के साथ ही चीन सीमा को जोड़ने वाली जौलजीबी-मुनस्यारी सड़क सेराघाट के पास मलबा और बोल्डर आने से बंद हो गई। सड़क के दोनों तरफ सैकड़ों वाहन, यात्री और पर्यटक फंसे रहे। बीआरओ ने ट्रैक्टर ट्राली के भरोसे सड़क खोलने का प्रयास किया लेकिन सफलता नहीं मिली। घंटों इंतजार के बाद जब सड़क नहीं खुली तो दोनों तरफ फंसे यात्री और वाहन चालकों को वापस लौटना पड़ा। इस सड़क के बंद होने से मुनस्यारी और बंगापानी तहसील क्षेत्र के कई गांवों का शेष दुनिया से संपर्क कटा है।
बीआरओ के मुताबिक, देर रात तक सड़क खुलने की संभावना है। बारिश के बाद मलबा आने से जिले की 15 ग्रामीण सड़कों पर आवाजाही ठप है। इन सड़कों के बंद होने से क्षेत्र के 40 से अधिक गांव अलग-थल पड़े हैं और ग्रामीणों का बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। जल्द सड़कों पर आवाजाही सुचारु नहीं हुई तो ग्रामीणों की दिक्कत बढ़ेगी और सप्लाई प्रभावित होने से उन्हें राशन सहित अन्य दैनिक जरूरत के सामान के लिए तरसना पड़ेगा। हालांकि आपदा प्रबंधन विभाग जल्द सड़कों को खोलने की बात कर रहा है। चीन सीमा को जोड़ने वाली दूसरी सोबला-ढाकर सड़क पर भी सुबह करीब नौ बजे पंगवावे के पास पहाड़ी दरकने से आवाजाही ठप हो गई।
सूचना के बाद बीआरओ के अधिकारी और कर्मी मशीनों के साथ मौके पर पहुंचे। 15 श्रमिकों और मशीनों की मदद से आठ घंटे बाद मलबा और बोल्डर हटाकर आवाजाही शुरू कराई जा सकी और सड़क के दोनों तरफ फंसे सैकड़ों वाहन और यात्री गंतव्य को रवाना हुए। बलुवाकोट-धारचूला हाईवे भी गोठी के पास मलबा आने से सुबह नौ बजे के करीब बंद हो गया। एक घंटे बाद मलबा हटाकर आवाजाही शुरू कराई गई। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी भूपेंद्र महर ने कहा कि सड़कों को खोलने के लिए मशीनें लगाई गईं हैं। जल्द सभी सड़कों पर आवाजाही शुरू करा दी जाएगी। संवाद
बुईं-पातों सड़क पर लगातार गिर रहे बोल्डर बने मुसीबत
मुनस्यारी। जिमिघाट-बुई-पातों सड़क पर पहाड़ी दरकने से आवाजाही ठप है। इस सड़क पर ढूंगा के पास भूस्खलन होने से भारी मात्रा में बोल्डर गिरे हैं, इन्हें हटाना चुनौती बन गया है। बोल्डरों के गिरने का सिलसिला लगातार जारी है। ऐसे में पीएमजीएसवाई के लिए सड़क खोलना मुश्किल हो रहा है। ईई किशन सिंह ऐरी ने कहा कि भूस्खलन रुकने के बाद ही बोल्डरों को हटाना संभव है। संवाद
तीन दिन बाद भी नहीं खुल सकी दुलियाबगड़-राया बजेता सड़क
नाचनी (पिथौरागढ़)। मानसून काल में बंद सड़कों को जल्द खोलने के दावे हवाई साबित हुए हैं। तीन गांव राया, बजेता और डूंगरी को जोड़ने वाली दुलियाबगड़-राया बजेता सड़क तीन दिन बाद भी नहीं खुल सकी है, इससे ग्रामीण परेशान हैं। सप्लाई प्रभावित होने से ग्रामीण मलबा और बोल्डरों के बीच खतरनाक रास्तों से 12 किलोमीटर का पैदल सफर कर बाजार पहुंच रहे हैं तब जाकर पीठ पर सामान ढोकर घर पहुंचा रहे हैं। इन गांवों की स्थानीय दुकानों में राशन सहित अन्य दैनिक जरूरत के सामान की किल्लत हो गई है। स्थानीय निवासी गजेंद्र सिंह सहित अन्य लोगों ने जल्द सड़क न खुलने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
ये सड़कें हैं बंद
मुनस्यारी-मिलम, बुई-पातों, नाचनी-भैंसकोट, मदकोट-तोमिक, होकरा-नामिक, आदिचौरा-सीणी, बांसबगड़-कोटा, बंगापानी-जाराजिबली, बांसबगड़-धामीगांव, गलाती-रमतोली, बांसबगड़-माणीधामी, मदकोट-बोना, बलुवाकोट-पय्यापौड़ी, आदिचौरा-फूनिया, बांसबगड़-गूठी, जौलजीबी-मुनस्यारी।