पिथौरागढ़। मानसूनी बारिश ने आफत फैलाई है। बारिश के बाद मलबा आने से नौ ग्रामीण सड़कें बंद हैं। इससे 30 से अधिक गांवों का शेष दुनिया से संपर्क कटा है। वाहनों की आवाजाही थमने से ग्रामीणों का गांवों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। ऐसे में ग्रामीण मलबा और बोल्डरों के बीच पैदल आवाजाही करने के लिए मजबूर हैं।
आपदा प्रबंधन विभाग के मुताबिक, बारिश के बाद मलबा आने से मदकोट-बोना, आदिचौरा-हुनेरा, नाचनी-भैंसकोट, होकरा-नामिक, बंगापानी-जाराजिबली, आदिचौरा-सीणी, बांसबगड़-कोटा, बांसबगड़-धामीगांव सड़कें बंद हैं। जगह-जगह मलबा आने से इन सड़कों पर वाहनों की रफ्तार थमी है इससे क्षेत्र की 15 हजार से अधिक की आबादी को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीण पैदल सफर कर स्थानीय बाजारों में पहुंच रहे हैं और पीठ पर सामान ढोकर घर पहुंचाने के लिए मजबूर हैं। बीमारों को भी इलाज के लिए पैदल दूरी तय कर अस्पताल पहुंचना पड़ रहा है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी भूपेंद्र महर ने कहा कि सड़कों को खोलने का काम जारी है। जल्द ही सभी सड़कों पर आवाजाही शुरू करा दी जाएगी।
तेजम में सबसे अधिक 120 एमएम हुई बारिश
पिथौरागढ़। जिला मुख्यालय को छोड़कर अन्य हिस्सों में बारिश से जनजीवन प्रभावित रहा। पिथौरागढ़ शहर के साथ ही देवलथल, गंगोलीहाट, कनालीछीना में बारिश थमने से लोगों को राहत मिली। आपदा प्रबंधन विभाग के मुताबिक बीते 24 घंटे में तेजम में सबसे अधिक 120 एमएम बारिश हुई। वहीं मुनस्यारी में 53.20, बंगापानी में 82, गणाई गंगोली में दो, डीडीहाट में 7.8, थल में चार एमएम बारिश रिकार्ड की गई। बारिश के बाद नदियों के उफान पर आने से किनारे बसे लोग भी दहशत में रहे। संवाद