पिथौरागढ़। जिला विकास प्राधिकरण ने कार्यशाला का आयोजन कर विकास प्राधिकरण से होने वाले लाभ गिनाए। डीएम सी रविशंकर ने कहा कि विकास प्राधिकरण के दायरे में आने से यहां का सुनियोजित विकास होगा। कार्यशाला में नैनीताल, उत्तराखंड आवास एवं नगर विकास प्राधिकरण के अधिकारी मौजूद थे।
जिला पंचायत सभागार में आयोजित कार्यशाला में डीएम ने कहा कि जिला मुख्यालय एक सुंदर घाटी में फैला है। इसके और अधिक फैलने की पूर्ण संभावना है। पिथौरागढ़ का सुंदर भविष्य है, सभी को मिलजुलकर पिथौरागढ़ को विकास में आगे ले जाना होगा। कहा कि प्राधिकरण को लेकर लोगों की शंका दूर की जा रही है। उन्होंने कहा कि किसी को भी प्राधिकरण को लेकर कोई शंका हो तो वह पत्र के माध्यम से भी अपनी बात रख सकता है।
नैनीताल जिला विकास प्राधिकरण के सचिव श्रीश कुमार ने जिला विकास प्राधिकरण के प्रावधानों की जानकारी दी और लोगों की शंका का समाधान किया। नैनीताल से आए सहायक आयुक्त नियोजन एमएस श्रीवास्तव ने मानचित्र स्वीकृति, निर्धारित शुल्क आदि की जानकारी दी। बताया कि प्राधिकरण में मानचित्र स्वीकृति की प्रक्रिया को सरल कर दिया गया है। अब आवेदकों को अनापत्ति लेने के लिए विभागों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। आवेदन प्राप्ति के 48 घंटे के भीतर विभाग संयुक्त जांच कर रिपोर्ट उपलब्ध कराएंगे।
उत्तराखंड आवास एवं नगर विकास प्राधिकरण के अधिशासी अभियंता बीएस नेगी ने मास्टर प्लान तैयार करने के साथ ही लोगों की शंकाओं का समाधान किया। कहा कि प्राधिकरण को होने वाली आय का 90 प्रतिशत क्षेत्र के विकास पर खर्च किया जाता है। इस दौरान पालिकाध्यक्ष जगत सिंह खाती, सभी एसडीएम, विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि और मानचित्रकार मौजूद थे।
बेड़ीनाग और मुनस्यारी होंगे प्राधिकरण के क्षेत्रीय कार्यालय
अपर जिलाधिकारी/सचिव जिला विकास प्राधिकरण मोहम्मद नासिर ने बताया कि प्राधिकरण का मुख्यालय पिथौरागढ़ होगा। बेड़ीनाग और मुनस्यारी में क्षेत्रीय कार्यालय होगा। बेड़ीनाग क्षेत्रीय कार्यालय के अधीन बेड़ीनाग, डीडीहाट, देवलथल, कनालीछीना, गणाईगंगोली, थल, गंगोलीहाट तहसील और क्षेत्रीय कार्यालय मुनस्यारी के अधीन मुनस्यारी, तेजम, धारचूला, बंगापानी तहसीलें आएंगी।