पिथौरागढ़। जिले में बच्चों में कुपोषण को खत्म करने के लिए प्रत्येक महीने की 5 तारीख को कुपोषण निवारण दिवस मनाने का निर्णय लिया गया है। यह भी तय किया गया है कि कुपोषित बच्चों को जिला स्तरीय अधिकारी गोद लेंगे और उन्हें पौष्टिक आहार उपलब्ध कराएंगे। जिला कार्यालय में राष्ट्रीय पोषण मिशन की बैठक लेते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि प्रत्येक कुपोषित बच्चे को एक जिला स्तरीय अधिकारी गोद लेगा।
अधिकारी प्रत्येक माह की पांच तारीख को संबंधित आंगनबाड़ी केंद्र में जाकर कुपोषित बच्चे से मिलने के साथ ही उसे कुपोषण से मुक्त करने के लिए स्वास्थ्य उपचार और पोष्टिक पोषाहार उपलब्ध कराएंगे। डीएम ने बताया कि राष्ट्रीय पोषण अभियान का मुख्य लक्ष्य वर्ष 2022 तक शून्य से 06 वर्ष के बच्चों में कुपोषण को कम करना है।
इसके अतिरिक्त गर्भवती महिलाओं और किशोरियों में एनीमिया को भी कम किया जाना है। जिला कार्यक्रम अधिकारी बाल विकास राधिका ह्यांकी ने बताया कि जिले में वर्तमान में 70 कुपोषित और 24 अति कुपोषित बच्चे हैं। जिनका नियमित स्वास्थ्य परीक्षण किया जाता है। डीएम ने प्रत्येक बच्चे की प्रोफाइल तैयार करने के निर्देश दिए। गर्भवती महिलाओं को नियमित आयरन और कैल्शियम की गोली खिलाने, टीका लगाने के निर्देश दिए।