उत्तराखंड क्रांति दल के जिलाध्यक्ष का चुनाव हंगामे के चलते स्थगित हो गया है। चुनाव पर्यवेक्षक ने मामले की रिपोर्ट केंद्रीय अध्यक्ष को भेज दी है। अब आगामी चुनाव की तिथि या जिलाध्यक्ष के नाम की घोषणा हाईकमान करेगा। वहीं उक्रांद कार्यकर्ताओं ने मुख्यालय में मूल निवास व मजबूत भू-कानून लागू किए जाने की मांग को लेकर रैली निकाली।
शनिवार को उक्रांद की जिला कार्यकारिणी की बैठक का आयोजन किया गया। जहां दल के केंद्रीय महामंत्री महेंद्र सिंह रावत चुनाव पर्यवेक्षक, केंद्रीय प्रवक्ता शांति प्रसाद भट्ट व केंद्रीय सचिव सुरेश चंद्र जुयाल चुनाव अधिकारी के रूप में पहुंचे थे। दल के जिलाध्यक्ष पद पर वर्तमान जिलाध्यक्ष मनमोहन पंत, जिला प्रवक्ता विपिन रावत, चंद्र मोहन सिंह गुर्साइं, महिला प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष पूनम टम्टा, केंद्रीय खेल प्रकोष्ठ के अध्यक्ष वीरेंद्र रावत ने नामांकन किया। वीरेंद्र रावत ने नाम वापस लिया, जिसके बाद चुनाव मैदान में चार प्रत्याशी रह गए। लेकिन इस दौरान मतदान के लिए सदस्य पूरे नहीं होने और जिलाध्यक्ष के नाम पर आम सहमति नहीं बन पाने पर चुनाव स्थगित कर दिया गया।
पर्यवेक्षक महेंद्र सिंह रावत ने बताया कि दल के जिलाध्यक्ष का चुनाव स्थगित कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि चुनाव से जुड़ी पूरी रिपोर्ट केंद्रीय अध्यक्ष को भेज दी गई है। रावत ने कहा कि चुनाव की आगामी तिथि या जिलाध्यक्ष के नाम की घोषणा हाईकमान करेगा। इसके बाद दल के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने रैली निकाली। इस अवसर पर राज्य आंदोलनकारी जीतराम पोखरियाल, जिला संरक्षक मुरारी लाल नौडियाल, ब्लाक अध्यक्ष थलीसैण मनवर सिंह चौहान, पाबौ देवेश डोभाल, ब्लाक कल्जीखाल दर्शन रावत, आशीष राणा, दीपक ढौंडियाल, देवेंद्र कठैत, बचन पोखरियाल, अर्जुन नेगी, दवान सिंह, अनीता रावत, सुनीता देवी आदि मौजूद रहे।