बीएड के फर्जी डिग्री पर नौकरी पाने वाले शिक्षक की सेवा समाप्त कर दी गई है। अपर निदेशक माध्यमिक शिक्षा गढ़वाल मंडल पौड़ी महावीर बिष्ट ने इसका आदेश जारी कर दिया है।
अपर निदेशक ने बताया कि सैनिक कालोनी, सुद्धोवाला, देहरादून निवासी खिलेश लाल की नियुक्ति जुलाई 2006 को राजकीय प्राथमिक विद्यालय जखवाड़ी, ब्लाक जखोली (रुद्रप्रयाग) में सहायक अध्यापक प्राथमिक शिक्षा के पद पर हुई थी। मार्च 2008 में पदोन्नति के बाद खिलेश को सहायक अध्यापक (एलटी) सामान्य पद पर जीआईसी मणिगृह अगस्त्यमुनि में तैनाती मिली थी। बाद में उसका तबादला राजकीय उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय कामला (कालसी) में हो गया था।
अपर निदेशक ने बताया कि प्रमाणपत्रों के अनुसार शिक्षक ने वर्ष 1992 में हाईस्कूल व 94 में इलाहबाद बोर्ड यूपी से इंटरमीडिएट, 1998 में स्नातक, 2000 में बीएड, 2001 में परास्नातक की परीक्षा उत्तीर्ण की थी। शिक्षक के प्रमाणपत्र फर्जी होने की शिकायत सीबीसीआईडी को मिली थी। एसआईटी की जांच में चौधरी चरण सिंह विवि मेरठ से प्राप्त बीएड की अंकतालिका व प्रमाणपत्र फर्जी मिले। सीईओ देहरादून की जांच में भी दस्तावेज फर्जी पाए गए। शिक्षक के खिलाफ फरवरी 2021 को थाना कालसी में विभाग द्वारा मुकदमा दर्ज कराया गया था। कई मौके दिए जाने के बावजूद शिक्षक अपना पक्ष रखने के लिए पेश नहीं हुआ।
अपर निदेशक ने बताया कि नवंबर 2021 को शिक्षक को निलंबित कर दिया गया था। साथ ही उप शिक्षा अधिकारी कालसी को जांच के निर्देश दिए गए। इस जांच में भी शिक्षक के दस्तावेज फर्जी ही मिले। अब उसकी सेवा समाप्त कर दी गई है।