श्रीनगर। यूजीसी नेट परीक्षा रद्द होने के बाद अब छात्रों में एनटीए (नेशनल टेस्टिंग एजेंसी) के खिलाफ आक्रोश है। गढ़वाल विवि के विभिन्न छात्र संगठनों ने बिड़ला परिसर गेट व विवि प्रशासनिक भवन के मुख्य द्वार के समक्ष एनटीए का पुतला फूंका।
18 जून को हुए एनटीए यूजीसी नेट परीक्षा में गड़बड़ी के बाद परीक्षा रद्द कर दी गई है। लगातार परीक्षाओं में हो रहे घोटाले, पेपर लीक जैसी घटनाओं से छात्र परेशान हैं। बृहस्पतिवार को गढ़वाल विवि के बिड़ला परिसर गेट के समीप आक्रोशित छात्रों ने एनटीए का पुतला फूंका व पेपर घोटालों को लेकर सरकार पर भी आरोप लगाए। पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष अंकित उछोली ने कहा कि देश में लगातार पेपर लीक होना एनटीए व सरकार की विफलता को दर्शाता है। देश में परीक्षा आयोजित करने वाली सबसे बड़ी एजेंसी के लगातार दो बड़े पेपरों में धांधली से यह साफ है कि एनटीए पूरी तरह फेल हो चुका है।
गौरव मोहन नेगी ने कहा कि उन्होंने भी नेट परीक्षा दी थी। परीक्षा काफी अच्छी गई, लेकिन अचानक उन्हें पता चलता है कि पेपर रद्द हो गया है। कहा कि यह छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। आइसा छात्र संगठन के रोबिन असवाल ने कहा कि यह गंभीर विषय है कि एनटीए द्वारा आयोजित परीक्षा में घोटाले हो रहे हैं। नेट परीक्षा की सीबीआई जांच के निर्देश तो दे दिए गए हैं, लेकिन नीट परीक्षा की भी सीबीआई जांच होनी चाहिए। इस मौके पर प्रमोद उनियाल, सौरभ कुमार, समरवीर, बृजेश, ऋतिक, प्रदीप मौजूद रहे।
इधर, जय हो छात्र संगठन से जुड़े छात्रों ने भी नेट परीक्षा में गड़बडी को लेकर प्रशासनिक भवन गेट के सामने एनटीए का पुतला फूंका। छात्रसंघ अध्यक्ष सुधांशु थपलियाल ने एनटीए से परीक्षाओं को कराने की जिम्मेदारी से हटाने की मांग की। कहा कि इससे पूर्व तक कंप्यूटर आधारित सीबीटी के जरिए नेट परीक्षा होती थी, लेकिन इस बार ऑफलाइन से क्यूं परीक्षा हुई। छात्र नेता वीरेंद्र बिष्ट ने कहा कि शिक्षा मंत्री अपने दायित्वों को ठीक से नहीं निभा पा रहे हैं। प्रदर्शन में जय हो संगठन से जुड़े सौरभ रावत, पुनीत अग्रवाल आदि छात्र शामिल रहे।