कोविड अस्पताल के कूड़े को खुले में रखने संबंधी खबर प्रकाशित होने के बाद राजकीय मेडिकल कॉलेज प्रशासन हरकत में आ गया है। कॉलेज के प्राचार्य ने सफाई के लिए जिम्मेदार सभी अधिकारी/कर्मचारियों को तलब करते हुए अस्पताल परिसर में समुचित सफाई व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं।
कोविड अस्पताल में संक्रमित व्यक्तियों और स्टाफ की ओर से प्रयुक्त किए गए ग्लब्स, पीपीई किट एवं अन्य सामग्री को बंद पड़े इंसीनरेटर के बाहर रखा जा रहा है। कूड़े को जानवर बिखेर देते हैं। वहीं बारिश होने पर कूड़े का गंदा पानी रिसकर सड़क में आ जाता है। अस्पताल की ओर से कोविड प्रोटोकॉल और वेस्ट मैनेजमेंट में बरती जा रही लापरवाही को अमर उजाला ने 14 सितंबर को कोविड अस्पताल के कूड़े को फैला रहे जानवर शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी।
कॉलेज के प्राचार्य प्रो. सीएम रावत ने इस प्रकरण को गंभीरता से लिया है। उन्होंने सफाई से जुड़े प्रभारियों की बैठक लेते हुए लापरवाही न बरतने की हिदायत दी। उन्होंने बताया कि सभी को निर्देशित किया गया है कि इंसीनरेटर के बाहर कूड़ा नहीं रखा जाएगा। कूड़े का उचित ढंग से निस्तारण किया जाएगा। अस्पताल के वार्डों में चार रंगों के कूड़ेदान रखे गए हैं। इनमें अलग-अलग प्रकार का कूड़ा रखा जाता है। कूड़ा रखने में लापरवाही बरतने पर संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जो आउटसोर्स कर्मचारी सफाई में लापरवाही बरतेेंगे, उनको हटा दिया जाएगा।