गुलदार मरे तो इन्सानों पर मुकदमा, लेकिन गुलदार इन्सान को मार दे तो वन विभाग और सरकार के खिलाफ मुकदमा क्यों नहीं? यह सवाल ग्राम प्रधान ने पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के सामने रखा तो वे भी जवाब नहीं दे पाए। वे बस इतना बोले कि मामला संवेदनशील है और इस पर मुख्यमंत्री से बात की जाएगी। सपलोड़ी गांव में पिंजरे में फंसे गुलदार को लोगों ने जिंदा जला दिया था।
बृहस्पतिवार को पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत पाबौ क्षेत्र में गुलदार के हमले में मारी गईं दो महिलाओं के परिवारों को सांत्वना देने पहुंचे। सपलोड़ी गांव में गुलदार के हमले में जान गंवा चुकीं सुषमा देवी के परिजनों से मुलाकात की। महिला की मौत के बाद पिंजरे में कैद गुलदार को जिंदा जलाए जाने पर दर्ज मुकदमे को लेकर रावत ने कहा कि देहरादून, दिल्ली में एसी कमरों में बैठकर ग्रामीणों की पीड़ा समझना मुश्किल है। उन्होंने कहा कि मामले का ऐसा समाधान निकाला जाए कि ग्रामीणों के साथ कानून का सम्मान भी बना रहे। उन्होंने कहा कि इस प्रकरण पर मुख्यमंत्री से बातचीत की जाएगी।
इस दौरान ग्राम प्रधान सरणा अनिल कुमार नेगी ने कहा कि पिंजरे में 24 मई की सुबह एक गुलदार फंस गया था। सोशल मीडिया पर यह सूचना वायरल होते ही आसपास के क्षेत्रों से सैकड़ों लोग जमा हो गए थे। इन्हीं में से किसी शख्स ने गुलदार को जिंदा जला दिया। लेकिन, वन विभाग ने सपलोड़ी के लोगों पर ही मुकदमा दर्ज कर दिया। ग्राम प्रधान ने सवाल उठाया कि गुलदार के हमले में इन्सान की मौत पर वन विभाग या सरकार पर मुकदमा दर्ज क्यों नहीं किया जाता? इसके बाद हरीश रावत भट्टी गांव पहुंचे। यहां उन्होंने दो जून को गुलदार के हमले में मारी गईं बुजुर्ग महिला समुद्रा देवी के परिजनों को सांत्वना दी।
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‘गुलदार, वनाग्नि के शिकार लोगों को मिले शहीद का दर्जा’
पौड़ी। हरीश रावत ने कहा कि गुलदार के हमले और वनाग्नि के कारण जान गंवाने वाले लोगों को शहीद का दर्जा देते हुए उनके परिवारों को पेंशन दी जाए। उन्होंने कहा मानव-वन्यजीव संघर्ष को नियंत्रित नहीं किया गया तो पहाड़ से पलायन को रोकना मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने कहा वर्ष 2015 में मानव-वन्यजीव संघर्ष को रोकने के लिए कार्ययोजना बनाई गई थी। भाजपा सरकार ने इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया है। संवाद
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मंत्रियों पर सवाल को टाल गए रावत
पौड़ी। पाबौ ब्लाक के गुलदार प्रभावित गांवों में वन व उच्च शिक्षा मंत्री के न आने के सवाल को हरदा टाल गए। पत्रकारों ने सवाल किया कि क्षेत्र में गुलदार के हमलों में दो महिलाओं की मौत हो गई। कई घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं। लेकिन वन मंत्री सुबोध उनियाल, स्थानीय विधायक व उच्च शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत इन गांवों में आज तक नहीं आए। हरदा ने कहा कि वे यहां संवेदना व्यक्त करने आए हैं, इसलिए वे ऐसा कुछ नहीं कहना चाहते जिस पर राजनीति हो। संवाद
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बुजुर्ग को बताया ओल्ड यंग मैन
पौड़ी। हरीश रावत ने सपलोड़ी के 74 वर्षीय बुजुर्ग यशराम पंत को ओल्ड यंग मैन और प्रेरणास्रोत बताया। उन्होंने कहा 74 वर्ष की उम्र में पंत बड़े ऊर्जावान हैं। वे गांव में खेतीबाड़ी करते हैं और आज भी मीलों पैदल चलते हैं। संवाद
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पंचायत घर में नहीं हैं दरवाजे
पौड़ी। भट्टीगांव में पंचायत भवन में पूर्व सीएम के जलपान की व्यवस्था की गई थी। लेकिन पंचायत घर के दो कमरों व सार्वजनिक शौचालय में खिड़की व दरवाजे ही नहीं थे। ग्रामीण सुनील पंत ने कहा कि पंचायत घर के निर्माण पर स्वीकृत राशि खर्च हो गई, लेकिन खिड़की, दरवाजे लगाना भूल गए। संवाद
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‘मोदी से धामी के लिए मांगेंगे भारत रत्न’
पौड़ी। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि कांग्रेस ने गैरसैंण को उत्तराखंड की स्थायी राजधानी बनाने की नींव रखी थी। लेकिन भाजपा ने इसे मुहिम को आगे बढ़ाने के बजाय जनभावनाओं के साथ खिलवाड़ किया है। पौड़ी सर्किंट हाउस में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि गैरसैंण में स्थायी राजधानी के लिए संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने मोदी सरकार की अग्निपथ योजना को युवाओं के भविष्य पर कुठाराघात और सैन्य परंपरा पर बड़ा आघात बताया। कहा कि इससे सेना में रेजीमेंट व्यवस्था खत्म हो जाएगी। कहा कि गांवों से पलायन रोकने के लिए सरकार ने बजट में मात्र 25 करोड़ की व्यवस्था की है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी से मिलकर सीएम धामी को इस महान कार्य के लिए भारत रत्न दिए जाने की पैरवी की जाएगी। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार की गलत नीतियों के खिलाफ आवाज उठाने पर राहुल गांधी को परेशान किया जा रहा है। इसके लिए केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है।