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लंबी कूद में गौरव थपलियाल प्रथम

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प्रदेश के पूर्व मंत्री मोहन सिंह रावत गांववासी ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड में संस्कृत व संस्कृति को लगातार बढ़ावा मिल रहा है। उत्तराखंड में संस्कृत को द्वितीय राजभाषा का भी दर्जा दिया गया है।
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सोमवार को जिले के संस्कृत विद्यालयों की तृतीय जनपद स्तरीय क्रीड़ा प्रतियोगिता का शुभारंभ ब्रिगेडियर विद्याधर जुयाल संस्कृत विद्यालय भुवनेश्वरी में हुआ। मुख्य अतिथि पूर्व मंत्री मोहन सिंह रावत ने खिलाड़ियों को बेहतर खेल के लिए प्रोत्साहित किया। प्रतियोगिता में लंबी कूद वरिष्ठ वर्ग में गौरव थपलियाल संस्कृत विद्यालय ज्वाल्पाधाम प्रथम, अखिलेश मंमगाई बि. विद्याधर जुयाल संस्कृत विद्यालय भुवनेश्वरी द्वितीय व गोपीकृष्ण संस्कृत विद्यालय क्यूंकालेश्वर तृतीय स्थान पर रहा।
कनिष्ठ वर्ग में धीरज चौहान जयदयाल संस्कृत विद्यालय श्रीनगर पहले, विकास भट्ट संस्कृत विद्यालय भुवनेश्वरी दूसरे और नीरज संस्कृत विद्यालय चैंधार तीसरे स्थान पर रहा। कार्यक्रम का संचालन नवीन जुयाल ने किया। इस अवसर पर क्रीड़ा समिति अध्यक्ष जगदीश सकलानी, विद्यालय समिति अध्यक्ष सतीश जुयाल, मातवर नेगी, बृजमोहन, प्रधानाचार्य अनुसूया प्रसाद सुंदरियाल आदि मौजूद रहे। विशिष्ट अतिथि भाजपा नेता वीरेंद्र जुयाल ने कहा कि युवा पीढ़ी को संस्कृत व संस्कृति के संरक्षण को लेकर आगे आना होगा। उपनिदेशक संस्कृत शिक्षा डॉ. वाजश्रवा आर्य ने कहा कि संस्कृत शिक्षा बहुआयामी व वैज्ञानिक शिक्षा पद्घति है। इसे व्यापक रूप दिए जाने के लिए प्रत्येक पहलू पर कार्य किया जा रहा है। प्रतियोगिता में ब्रिगेडियर विद्याधर जुयाल संस्कृत विद्यालय भुवनेश्वरी, संस्कृत विद्यालय क्यूं कालेश्वर, ओडली, चैंधार, ज्वाल्पाधाम, जयदयाल संस्कृत विद्यालय श्रीनगर, देवप्रयाग, परमार्थ निकेतन ऋषिकेश, बलोडी श्रीनगर के छात्र प्रतिभाग कर रहे हैं।
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