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बीकेटीसी में बदरीनाथ के पंडा समाज को प्रतिनिधित्व न मिलने पर रोष

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देवप्रयाग। बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति में देवप्रयाग तीर्थ पुरोहित समाज को प्रतिनिधित्व न मिलने पर बदरीनाथ का पंडा वर्ग नाराज है। उन्होंने इसे सरकार की ओर से पूर्वाग्रह से लिया गया निर्णय बताया है। कांग्रेेस ने भी इसे तीर्थ पुरोहितों का अपमान बताया है। पार्टी ने चुनाव में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाने की बात कही है।
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श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति पुनर्जीवित होते ही विवादों के घेरे में आ गयी है। पूर्व कैबिनेट मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी ने समिति में देवप्रयाग निवासी बदरीनाथ के तीर्थपुरोहितों की उपेक्षा को दुर्भाग्यपूर्ण व भेदभाव भरा बताया। उन्होंने कहा कि देवस्थानम बोर्ड भंग होने के बावजूद भाजपा तीर्थपुरोहितों के प्रति बदले की भावना से काम कर रही है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष नरेंद्रनगर हिमांशु बिजल्वाण ने कहा कि देवप्रयाग के तीर्थपुरोहितों को समिति में शामिल न कर सरकार ने श्रद्धालुओं की आस्था पर चोट की है।
बद्रीश पंडा पंचायत के अध्यक्ष प्रवीण ध्यानी का कहना है कि पहली बार ऐसा हुआ है कि सरकार ने बीकेटीसी में बद्रीनाथ के पंडा समाज की अनदेखी की है। जबकि पूरे भारत में देवप्रयाग/बदरीनाथ का पंडा समाज कई पीढ़ियों से सनातन धर्म के प्रचार प्रसार में अहम भूमिका निभा रहा है। पंडा पंचायत के पूर्व अध्यक्ष मुकेश प्रयागवाल का कहना है कि यह पूर्वग्रह से लिया गया फैसला है। क्योंकि पंडा देवस्थानम बोर्ड को भंग करने के लिए आंदोलित था। पुरोहित मुन्नालाल मिर्जापुरी का कहना है कि उत्तरप्रदेश से उत्तराखंड तक बदरीनाथ के पंडा समाज को समिति में हमेशा प्रतिनिधित्व मिलता रहा है।
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