पौड़ी के पश्चिमी नयार घाटी में वनाग्नि से फैली धुंध। जागरुक पाठक
आसमान में उठ रहा धुएं का गुबार
पौड़ी में सूचना देने के बाद भी नहीं पहुंचे वन कर्मी
संवाद न्यूज एजेंसी
पौड़ी/उत्तरकाशी। पौड़ी जिले के ब्लॉक एकेश्वर के कई गांवों के जंगल आग से धधक रहे हैं जिससे पूरी नयार घाटी में धुंध फैली है। सूचना देने के बाद भी वन विभाग के कर्मचारी आग बुझाने नहीं पहुंचे। वहीं उत्तरकाशी जिले में भी मुखेम रेंज के जंगल धू-धू कर जलते रहे और आसमान में धुएं का गुबार उठता दिखाई दिया।
शुक्रवार को एकेश्वर ब्लॉक के सांसों, मांसाें व तिमली गांव के जंगल शुक्रवार को दिनभर आग में जलते रहे। स्थानीय कैलाश थपलियाल व संदीप थपलियाल ने बताया कि पश्चिमी नयार नदी के दोनों छोर पर बसे गांवों के जंगल धधक रहे हैं। तिमली ग्राम पंचायत के गंगोलीसैंण तोक में फलदार पेड़ भी जल गए हैं। वहीं जंगल की आग से धुंध के कारण सांस के मरीजों को परेशानी हो रही है। उन्होंने कहा शरारती तत्व जंगलों में आग लगा कर वन संपदा को नुकसान पहुंचा रहे हैं। उन्होंने वनों में आग लगाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। वहीं डीएफओ गढ़वाल स्वप्निल अनिरुद्ध ने कहा कि जंगल की आग बुझाने के लिए टीम भेज दी गई है। उन्होंने वनाग्नि की घटना होने पर उसकी सूचना आपदा कंट्रोल के नंबर 01368-221840 और वन विभाग के कंट्रोल रूप नंबर 1368-222215 पर देने की अपील की।
दूसरी ओर उत्तरकाशी में मुखेम रेंज के जंगल धू-धू कर जलते रहे। कुछ दिन पूर्व जसपुर, सिलयाण गांव के ऊपर भी जंगल आग में जल गए थे। इधर, उत्तरकाशी वन प्रभाग के डीएफओ डीपी बलूनी ने कहा कि कुछ कर्मचारियों को आग बुझाने के लिए भेज दी है। मगर समस्या यह है कि वन विभाग के शत प्रतिशत कर्मचारियों को चुनाव ड्यूटी में लगा दिया गया है। जब स्टाफ चुनाव में ड्यूटी देगा तो वनाग्नि नियंत्रण का काम कैसे होगा।