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मकर संक्रांति पर देव डोलियों व भक्तों ने लगाई आस्था की डुबकी

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देवप्रयाग संगम पर मकर संक्रान्ति के अवसर पर गंगा पूजन व स्नान करते लोग - फोटो : SHRINAGAR
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भागीरथी और अलकनंदा नदी के संगम स्थल देवप्रयाग में इस बार गंगा नदी में स्नान के लिए सीमित संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। देव डोलियां भी पूर्व की तुलना में अपेक्षाकृत कम दिखीं। वहीं टिहरी की दो देव डोलियों ने तड़के तीन बजे संगम पर स्नान किया।
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सूर्य के मकर मकर राशि में प्रवेश के साथ ही संक्रांति पर्व का पुण्यकाल शुरू हो गया था। गंगा स्नान के बाद स्थानीय वाद्य यंत्रों की थापों के बीच डोलियां पूजा-अर्चना के लिए भगवान रघुुनाथ के मंदिर पहुंची। मकर संक्रांति पर्व पर भगवान श्री रघुनाथ के पुजारी पंडित सोमनाथ भट्ट ने प्रतिमा का विशेष शृंगार किया। वहीं श्रद्धालुओं ने संगम के अलावा भगवान श्रीराम की तपस्थली रामकुंड और व्यास घाट में भी पर्व स्नान किया। इस बार कोरोना के कारण आठ ही डोलियां स्नान के लिए पहुंची। उधर, रुद्रप्रयाग में नेहरू युवा केंद्र के युवा मंडल, गंगा दूत व स्वयं सेवकों ने सूर्य नमस्कार योग क्रियाओं का प्रदर्शन किया। योग प्रशिक्षक संतोष के दिशा-निर्देशन में योग हुआ। संवाद
मणिकर्णिका घाट पर स्नान के लिए दिनभर लगा रहा लोगों का तांता
संवाद न्यूज एजेंसी
उत्तरकाशी। मकर संक्रांति के पर्व पर भागीरथी नदी किनारे मणिकर्णिका घाट पर देव डोलियों ने स्नान किया। इस दौरान आसपास के क्षेत्र से आए श्रद्धालुओं ने भी शहर के घाटों पर स्नान किया।
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शुक्रवार को मकर संक्रांति पर्व पर मणिकर्णिका घाट पर सुबह तीन बजे से ही श्रद्धालु स्नान के लिए पहुंचने लगे थे। जड़भरत घाट पर भी श्रद्घालुओं ने स्नान किया। घाटों पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पालिका की ओर से सफाई व अलाव की व्यवस्था की गई थी। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए घाटों पर एसडीआरएफ व पुलिस कर्मी भी तैनात किए गए थे। मकर संक्रांति पर्व के स्नान के लिए दिनभर देवडोलियां पहुंचती रही। स्नान के बाद देव डोलियां चमाला की चौंरी पर पहुंची। जहां श्रद्धालुओं ने डोलियों के दर्शन किया पूर्व विधायक विजयपाल सजवाण, पालिका अध्यक्ष रमेश सेमवाल आदि ने देवडोलियों के दर्शन किए।
पर्यटकों के साथ मनाया मकर संक्रांति पर्व
नई टिहरी। ग्राम पंचायत तिवाड़गांव और मरोड़ा के ग्रामीणों ने कोटी गाड के पास टिहरी झील में डुबकी लगाने के बाद सामूहिक खिचड़ी भोज का आयोजन किया। ग्रामीणों ने झील परिक्षेत्र में आए पर्यटकों के साथ पूजा-अर्चना और हवन कर मकर संक्रांति मेला मनाया। श्री गंगा भागीरथी बोट यूनियन के संरक्षक कुलदीप पंवार और अध्यक्ष नरेंद्र रावत ने बताया कि गत वर्ष से पुरानी टिहरी की तर्ज पर इस बार भी मकर संक्रांति पर्व मनाया गया। इस मौके पर विनोद रावत, विजयपाल नेगी, दिनेश पंवार, बालम पंवार, सुंदर सिंह रावत, देवेंद्र रावत, मंगल पुंडीर, पुरोहित विजय प्रकाश नौटियाल, दिलबर पंवार, जसपाल नेगी, आशीष रावत, प्रमोद पंवार, गंभीर रावत, जयेंद्र रावत, संगीता देवी, देवेंद्र रावत आदि मौजूद थे। संवाद
ज्योतेश्वर महादेव के कपाट एक माह के लिए हुए बंद
जोशीमठ। माघ मास की संक्रांति पर भगवान ज्योतेश्वर महादेव मंदिर के कपाट बंद कर दिए गए हैं। मंदिर के कपाट एक माह तक बंद रहेंगे। फाल्गुन संक्रांति पर मंदिर के कपाट पूजा-अर्चना के बाद खोले जाएंगे।
ज्योतेश्वर महादेव मंदिर आदि गुरु शंकराचार्य की ओर से स्थापित शिवालय है। मान्यता है कि मास संक्रांति पर माता पार्वती अपने पिता के घर चली जाती हैं और भगवान भोलेनाथ पाताल लोक जाकर महाराज बलि को अमर कथा सुनाते हैं। जिसके चलते इस तिथि पर मंदिर के कपाट बंद किए जाते हैं। लोक प्रचलन में भी उत्तराखंड में ध्याणियां अपने पिता के घर जाती हैं। इस मौके पर ब्रह्मचारी मुकुंदानंद, शिवानंद उनियाल, गोविंद प्रसाद उनियाल, रामेश्वर प्रसाद उनियाल, सरिता, मनोज गौतम, विद्यासागर, अमित तिवारी आदि मौजूद थे। संवाद
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