विकासखंड खिर्सू की ग्राम पंचायत डुंगरीपंथ, कलियासौड़ और फरासू के ग्रामीणों ने भी नगर निगम में शामिल किए जाने का विरोध किया है। प्रशासन के निर्देश पर ग्राम पंचायतों में नगर निगम का नोटिफिकेशन चस्पा करने गई पालिका की टीम को ग्रामीणों की नाराजगी झेलनी पड़ी। इसके चलते उन्हें बैरंग लौटना पड़ा। इससे पूर्व स्वीत और गहड़ में भी पालिका की टीम लोगों का गुस्सा झेल चुकी हैं। उक्त गांवों के लोगों ने भी नोटिफिकेशन को पंचायत भवन में चस्पा नहीं करने दिया था।
वर्तमान में श्रीनगर को नगर निगम बनाने की कवायद चल रही है। शासन की ओर से संबंध में निगम के प्रस्ताव की अधिसूचना जारी करते हुए आपत्तियां मांगी गई हैं। इसी क्रम में ग्राम पंचायतों में अधिसूचना को चस्पा किया जा रहा है। रविवार को नगर पालिका के स्वच्छता निरीक्षक शशि पंवार के नेतृत्व में पालिका की टीम कलियासौड़, डुंगरीपंथ और फरासू में अधिसूचना चस्पा करने गई। वहां टीम का विरोध हो गया। ग्रामीणों का कहना था कि जबरन उनकी ग्राम पंचायतों को नगर निगम में सम्मिलित किया जा रहा है। इससे गांवों में मनरेगा समेत अन्य विकास कार्यों पर असर पड़ेगा। आने वाले समय में लोगों को नगर निगम के टैक्स भुगतने पड़ेंगे।
पंवार ने बताया कि टीम पंचायत भवन में अधिसूचना को चस्पा करने गई थी। ग्रामीणों से पंचायत भवन का पता पूछा गया तो उन्होंने ग्राम पंचायत की सीमा में घुसने से रोक दिया। ग्रामीणों का कहना था कि वह बिना अनुमति गांव में प्रवेश न करें और चुपचाप चले जाएं। ग्रामीणों से कहा गया कि टीम सिर्फ सूचना चस्पा करने आई है। इस संबंध में वह जिलाधिकारी के समक्ष आपत्ति दर्ज करा सकते हैं लेकिन ग्रामीण माने नहीं। इससे उन्हें लौटना पड़ा।