आर्मी स्कूल के बाल मेले में बच्चों की वाणिज्यिक और पाक प्रतिभा के दर्शन हुए। मेले का शुभारंभ ट्रेनिंग बटालियन कमांडर कर्नल सुदीप कुमार ने किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि मेले हमारी संस्कृति के संवाहक हैं। जो हमारी सांस्कृतिक विरासत से रूबरू कराते हैं। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य जेम्स एंथोनी ने कहा कि ऐसे आयोजनों से बच्चों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलता है।
बाल मेले में अतिथियों का स्वागत पारंपरिक ढंग से पुष्प गुच्छ भेंट कर किया गया। पर्यावरण संतुलन में पशु - पक्षियों की महत्वपूर्ण भूमिका बताते हुए बच्चों ने मेले में आए अतिथियों का ध्यान खींचा। छात्र-छात्राएं विभिन्न पक्षियों के परिधान अपने बदन पर धारण किए हुए थे। कई बच्चे पशुओं के आकर्षक मुखौटे मुंह पर धारण किए हुए थे। बाल मेले में बच्चों ने कई तरह की सामग्री बनाई हुई थी। इनमें मूंगफली चाट, फ्रूट क्रीम चाट, नींबू चाट, चाउमिन, इडली-डोसा, छोले-भटूरे, गुजराती, समोसे, कचोरी, खम्मन-ढोकला आदि थे। इससे बच्चों की पाक विद्या की निपुणता झलकी। इसके अलावा बच्चों ने पैक सामग्री की भी बिक्री की। स्टालों में कई तरह के गेम भी रखे हुए थे। गुब्बारा फोड़, हुक बॉटल, बाल गेम्स, रिंग गेम्स का लोगों ने खूब लुत्फ उठाया। कई स्टालों में छात्र आकर्षक विविध परिधानों में बैठे लोगों को आकृष्ट कर रहे थे।