राजकीय मेडिकल कॉलेज के अधीन बेस अस्पताल में जबड़े के ऑपरेशन के बाद चमोली के एक युवक की मौत हो गई। दंत रोग विभाग के अनुसार युवक की मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई है। परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि ऑपरेशन कराने के लिए युवक को हायर सेंटर रेफर करने की मांग की थी लेकिन डॉक्टरों ने रेफर नहीं किया।
एक हफ्ते पूर्व कनोठ (जिला चमोली) निवासी त्रिभुवन नेगी (24) पुत्र स्व. चैत सिंह की गांव के समीप बाइक दुर्घटनाग्रस्त हो गई। दुर्घटना में उसके जबड़े मेेें चोट लगने पर परिजन कर्णप्रयाग अस्पताल ले गए। कर्णप्रयाग से उसे 28 अगस्त को मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। यहां दंत रोग विभागाध्यक्ष प्रो.अरुण गोयल ने उसे ईएनटी वार्ड में भर्ती करा दिया। शुक्रवार को प्रो. गोयल ने उसका ऑपरेशन किया। इसके लिए बाहर से जबड़ा इंप्लांट करने का सामान मंगवाया गया। ऑपरेशन के बाद उसको रक्तस्राव होने लगा और उसी हालत बिगड़ गई। उसे तत्काल वेंटिलेंटर में रखने के लिए इमरजेंसी में भर्ती कराया गया। जहां कुछ घंटे बाद उसने दम तोड़ दिया। त्रिभुवन की मौत के बाद परिजन श्रीकोट चौकी में शिकायत करने गए लेकिन वहां मौजूद पुलिस कर्मी ने उन्हें रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए श्रीनगर जाने को कहा। बाद में परिजन बिना किसी पुलिस कार्रवाई के शव को घर ले गए। मृतक के साथी प्रियंक नेगी ने बताया कि ऑपरेशन से पूर्व त्रिभुवन का सीटी स्कैन भी नहीं किया गया। चिकित्सकों से रेफर करने का अनुरोध भी किया गया लेकिन वह नहीं माने।
कोट :
मुझे दंत रोग विभाग के एचओडी ने जानकारी दी कि ऑपरेशन के बाद एक मरीज की मौत हो गई है। मुझे किसी ने इस संबंध में शिकायत नहीं दी है। यदि शिकायत मिलेगी तो जांच होगी।-प्रो. केपी सिंह, एमएस बेस अस्पताल श्रीकोट
ऑपरेशन के बाद मरीज को दिल का दौरा पड़ा। इससे उसे रक्तस्राव होने लगा। बेहोश होने पर उसे इमरजेंसी में शिफ्ट किया गया जहां उसकी मौत हो गई। इमरजेंसी केस होने की वजह से मरीज को रेफर नहीं किया गया।-प्रो. अरुण गोयल, एचओडी दंत रोग विभाग बेस अस्पताल, श्रीकोट