श्रीनगर कोतवाली में दुकान स्वामी सें उलझते गढ़वाल विवि के छात्र
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बीच बाजार से बाइक चुराने वाला बाइक मालिक का ही किरायेदार निकला। पुलिस ने बाइक समेत चोर को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी यहां एक पिज्जा शॉप में डिलीवरी ब्वाय है। इस घटना के विरोध में व्यापारियों और छात्र नेताओं ने कोतवाली का घेराव किया। उन्होंने चोरी में पिज्जा शॉप के मालिक की संलिप्तता का आरोप लगाते हुए प्रतिष्ठान बंद कराने की मांग की। बाद में छात्र नेताओं ने दुकान के आगे प्रदर्शन कराते हुए उसे बंद करवा दिया।
विगत 13 जून की रात को वीर चंद्र सिंह गढ़वाली मार्ग निवासी नरेंद्र सिंह रावत की बाइक चोरी हो गई थी। उन्होंने इसकी रिपोर्ट कोतवाली में दर्ज कराई। पुलिस ने 16 जून को सुतईया (भंगा) ऊधमसिंह नगर निवासी रविंद्र (20) को बाइक चोरी के मामले में गिरफ्तार कर लिया। रविंद्र बाइक स्वामी नरेंद्र का ही किरायेदार है और पिज्जा शॉप में डिलीवरी ब्वाय है। रविंद्र ने यह बाइक दूसरे युवक को दे दी थी। उसके खिलाफ भी पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है।
बृहस्पतिवार को जब पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) एसडी नौटियाल मामले का खुलासा करने कोतवाली पहुंचे, तो व्यापारी और छात्र नेता भी पहुंच गए। उन्होंने आरोप लगाया कि पिज्जा शॉप के मालिक ने शुरू से ही डिलीवरी ब्वाय को बचाने के लिए गुमराह किया है। पुलिस और जनता को झूठी जानकारी दी। क्योंकि यह पिज्जा की डिलीवरी के बहाने घरों का जायजा लेते हैं इसलिए दुकान को बंद करा दिया जाए। बाद में पिज्जा शॉप स्वामी भी कोतवाली आ गए। जहां छात्रों की उनके साथ जमकर बहस हुई। सीओ नौटियाल ने कहा कि इसकी विवेचना चल रही है। यदि दुकान स्वामी की संलिप्तता सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी केस दर्ज कराया जाएगा। पुलिस किसी को दुकान बंद कराने के लिए नहीं कह सकती है। वहीं व्यापार संघ अध्यक्ष दिनेश असवाल ने कहा कि इस घटना से सभी आक्रोशित हैं। इसलिए दुकान बंद रखी जाए। वार्ता के बाद छात्र नेता पिज्जा शॉप पहुंचे। यहां उन्होंने प्रदर्शन कराते हुए शॉप बंद करा दी।
पुलिस को भटकाने के लिए घूमता रहा गलियों में
श्रीनगर। बाइक चोरी के आरोपी ने शातिर ढंग से चोरी की। घर के बाहर खड़ी बाइक चुराने के बाद वह सीधा शहर से बाहर नहीं भागा। बल्कि वह एक गली से दूसरी गली बाइक दौड़ाता रहा। इसके बाद वह श्रीनगर से बाहर निकल गया। उसने कपड़े से मुंह ढके रखा। वह रातों-रात ऊधमसिंह नगर पहुंच गया और वहां से बाइक छोड़कर वापस भी आ गया। मकान मालिक को भी उस पर शक हो गया था। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उसे पकड़ लिया। पता चला कि डिलीवरी ब्वॉय जिस मकान में रहता है, उसके मालिक ने पुलिस में उसका सत्यापन नहीं करवाया है। हालांकि मकान मालिक का कहना है कि पिज्जा शॉप के स्वामी ने सत्यापन करवाने की बात कही थी। सीओ नौटियाल का कहना है कि मकान मालिक को किरायेदार का सत्यापन कराना चाहिए था। इस मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।