श्रीनगर गढ़वाल विवि में परीक्षा नियंत्रक के कक्ष में धरने पर बैठकर नारेबाजी करते छात्र संघ के पद?
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स्नातक/स्नातकोत्तर सम सेमेस्टर (अंतिम सेमेस्टर को छोड़कर) का परीक्षाफल घोषित करने के लिए एचएनबी गढ़वाल विवि की ओर से 3500 रुपये विलंब शुल्क लिए जाने पर आर्यन छात्र संगठन ने हंगामा किया। छात्रों ने विलंब शुल्क एक हजार रुपये करने की मांग करते हुए परीक्षा नियंत्रक प्रो. अरुण रावत का घेराव किया। विवि की ओर से विलंब शुल्क डेढ़ हजार रुपये किए जाने का आदेश जारी होने तक छात्र परीक्षा नियंत्रक कार्यालय में धरने पर बैठे रहे।
गढ़वाल विवि के परीक्षा नियंत्रक ने 7 अगस्त को सर्कुलर जारी किया था। इसके अनुसार सत्र 2019-20 के स्नातक/स्नातकोत्तर सम सेमेस्टर के कुछ विद्यार्थियों की ओर से परीक्षा शुल्क जमा न किए जाने की वजह से उनका परीक्षाफल घोषित नहीं हुआ है। उनके आंतरिक/सेशनल/प्रयोगात्मक परीक्षा के अंक पूर्व में जमा हैं। ऐसे छात्रों को अवसर देते हुए विवि ने मूल परीक्षा शुल्क समेत 3500 रुपये विलंब शुल्क जमा करने के आदेश दिए थे ताकि उनका परीक्षाफल घोषित हो सके। विलंब शुल्क को ज्यादा बताते हुए आर्यन छात्र संगठन ने बिड़ला परिसर के पूर्व छात्र संघ सचिव प्रदीप रावत के नेतृत्व में विवि में प्रदर्शन किया। सोमवार को छात्र नारेबाजी करते हुए परीक्षा नियंत्रक कार्यालय में घुस गए। वहां उन्होंने प्रो. रावत का घेराव करते हुए विलंब शुल्क एक हजार रुपये करने की मांग की। छात्रों के आक्रोश को देखते हुए विवि को बैकफुट पर आना पड़ा। शाम को विवि के कुलसचिव डॉ. अजय खंडूड़ी ने नया सर्कुलर जारी करते हुए विलंब शुल्क को 3500 रुपये के बजाय डेढ़ हजार रुपये कर दिया। प्रदर्शन करने वालों में आशीष रावत, अंकित झिंक्वाण, सम्राट राणा, सूरज नेगी, चिराग चौहान, आशुतोष और देवेंद्र सिंह आदि शामिल थे।