अपर आयुक्त गढ़वाल मंडल पौड़ी की अदालत नई टिहरी में लगाने की संस्तुति से अधिवक्ता बिफर गए हैं। अधिवक्ताओं ने मुख्यालय में सांकेतिक धरना देते हुए सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। अधिवक्ताओं ने कहा कि सरकार का निर्णय पौड़ी की गरिमा के खिलाफ है। सरकार ने जल्द इस निर्णय को वापस नहीं लिया, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
जिला अधिवक्ता संघ के सचिव आमोद नैथानी व अधिवक्ता महेंद्र असवाल ने बताया कि वर्ष 1969 में गढ़वाल मंडल अस्तित्व में आया, जिसका मुख्यालय पौड़ी बनाया गया। स्थापना के दौर से ही पौड़ी में आयुक्त व अपर आयुक्त की अदालतें निरंतर चल रही हैं। हरिद्वार व देहरादून जिलों के लिए देहरादून में आयुक्त व अपर आयुक्त का कैंप न्यायालय लगते हैं। प्रदेश में मंडल के अन्य समस्त पर्वतीय जिलों के मामलों की सुनवाई मंडल मुख्यालय पौड़ी में होती है, लेकिन 5 जुलाई 2021 को आए एक आदेश के तहत अपर आयुक्त का न्यायालय नई टिहरी में लगाने की संस्तुति की गई है, जिससे सभी अधिवक्ताओं में नाराजगी है। कहा कि सर्किट कोर्ट राजस्व परिषद की बैंच भी पौड़ी में स्थापित है, लेकिन पिछले कई सालों से उक्त अदालत पौड़ी में नहीं लगी है। प्रदर्शन करने वालों में अधिवक्ता संघ के उपाध्यक्ष राकेश सामवेदी, संघ के पूर्व अध्यक्ष आशीश जदली, मुकेश बिष्ट, संजय कुकरेती, सतेंद्र नेगी, अनुसूया प्रसाद उनियाल, अमृता रावत, ममता, रश्मि और कुसुम आदि शामिल रहे।