जिला प्रशासन ने सरकारी भूमि मेें अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के संकेत दिए हैं। जिला प्रशासन ने विभागों सहित तहसील प्रशासन को कब्जे वाली भूमि को चिह्नित करने के निर्देश दिए हैं।
श्रीनगर शहर का लगातार विस्तार होता जा रहा है। स्थिति यह है कि शहर के आसपास के क्षेत्रों में लोग बसते जा रहे हैं। ऐसे में सरकारी भूमि पर अतिक्रमणकारियों की गिद्ध दृष्टि लगी हुई है। सरकारी भूमि, सड़क, गदेरों और वन भूमि अतिक्रमण की चपेट में है। यहां गदेरे अवैध कब्जों से संकरे हो गए हैं। एक साल पूर्व प्रशासन की संयुक्त टीम ने जहां अतिक्रमण हटाया था, वहां दोबारा निर्माण कार्य चल रहे हैं। बदरीनाथ हाईवे पर भी अतिक्रमण हो रहा है। यहां पानी की टंकियों और सिंचाई गूल के ऊपर मकान बना दिए गए हैं।
डीएम डॉ. विजय जोगदंडे ने बताया कि सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि विभागीय परिसंपत्तियों का डाटा अपडेट करने के लिए स्थलीय निरीक्षण करें। अपनी रिपोर्ट में इसका उल्लेख करें कि कितनी भूमि विभाग के पास है और कितने पर अतिक्रमण हो गया है। साथ ही राजस्व अधिकारियों को भी अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए हैं। यह भी कहा गया है कि यदि आवश्यकता है, तो मुकदमा भी दर्ज किया जाए।