देवप्रयाग में शराब के ठेके के विरोध में धरने पर बैठी महिलाएं। संवाद
- शराब की दुकान को हटाने की मांग के लिए ग्रामीण महिलाओं का धरना 17 वें दिन भी जारी
देवप्रयाग। तीर्थनगरी देवप्रयाग से शराब की दुकान को हटाने की मांग के लिए ग्रामीण महिलाओं का धरना 17 वें दिन भी जारी है।महिलाओं की ओर से शराब ठेके हटाने के लिए मंगलवार को कीर्तन भजन के माध्यम से विरोध किया गया।
इस मौके पर आंदोलन का नेतृत्व कर रही जिला पंचायत सदस्य पुष्पा रावत और क्षेत्र पंचायत सदस्य सीताराम राणाकोटी का कहना है कि अब धैर्य की सीमा समाप्त हो रही है। उन्होंने दो-टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर प्रशासन शराब के ठेके को आबादी क्षेत्र से स्थानांतरित करने का ठोस आश्वासन और लिखित आदेश जारी नहीं करता है, तो वे अपने आंदोलन को और उग्र करते हुए आमरण अनशन शुरू कर देंगे। धरना स्थल पर उपस्थित महिलाओं का कहना है कि तीर्थनगरी की मर्यादा और स्थानीय परिवारों के भविष्य को देखते हुए इस दुकान का यहां से हटना अनिवार्य है। मंगलवार को धरने पर मुख्य रूप से कैलाशी देवी और सुनीता देवी सहित कई अन्य महिलाएं मौजूद रहीं, जिन्होंने सुर में सुर मिलाते हुए कहा कि जब तक ठेका हट नहीं जाता, तब तक उनका यह सत्याग्रह समाप्त नहीं होगा। आंदोलनकारियों ने साफ किया कि प्रशासन जनभावनाओं की अनदेखी कर रहा है, जिसे अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जारीराजेश