अयाल गांव की सीमा से सटे सिविल वन क्षेत्र में देवदार के 28 पेड़ों के कटान का मामला सामने आया है। तहसील प्रशासन ने मामले में वन संरक्षण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। साथ ही एसडीएम सदर ने क्षेत्र के राजस्व उपनिरीक्षक से स्पष्टीकरण तलब किया है।
विकास खंड पौड़ी के अयाल गांव की सीमा से सटे सिविल वन क्षेत्र में देवदार के पेड़ काटे जाने से ग्रामीणों में आक्रोश है। ग्रामीणों ने तहसील प्रशासन व वन विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए हैं। ग्रामीणों ने कहा कि 28 पेड़ काटे डाले गए, लेकिन प्रशासन को खबर नहीं लगी। वन सरपंच की शिकायत पर प्रशासन हरकत में आया।
पौड़ी के प्रभारी तहसीलदार एसएस कठैत ने बताया कि अयाल गांव के वन सरपंच ने 17 अगस्त को शिकायत दी थी। टीम ने मौके पर निरीक्षण किया तो देवदार के 28 पेड़ों के काटने की पुष्टि हुई। कठैत ने बताया कि यह पेड़ 7 से 8 महीने पहले काटे गए हैं। इस दौरान दो स्थानों पर कटे हुए पेड़ों को रखने की सूचना भी मिली। दोनों स्थानों पर छापा मारा गया, लेकिन वहां कुछ नहीं मिला। तहसीलदार ने बताया कि मामले में अज्ञात के खिलाफ उत्तर प्रदेश वन संरक्षण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। एसडीएम सदर एसएस राणा ने बताया कि मामले की जांच प्रभारी तहसीलदार को सौंपी गई है। मामले में राजस्व उपनिरीक्षक से स्पष्टीकरण तलब किया गया है।