कांग्रेस से गलबहियां कर रहे भाजपा के निलंबित विधायक भीमलाल आर्य की सदस्यता पर भी संकट मंडरा गया है। इस बाबत विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल ने उन्हे नोटिस भेजा है।
भीमलाल को नोटिस पर 15 अप्रैल तक जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए गए हैं। भाजपा विधानमंडल दल के मुख्य सचेतक मदन कौशिक ने मंगलवार को दल बदल कानून के तहत भीमलाल की सदस्यता समाप्त करने की याचिका विधानसभा सचिव को सौंपी थी। भीमलाल पर 18 मार्च को सदन में पार्टी व्हिप का उल्लंघन करने का आरोप है।
उधर, विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल ने याचिका मिलने की पुष्टि की थी। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा था कि इस याचिका पर भी वही प्रक्रिया अपनाई जाएगी, जो पूर्व में अपनाई गई थी। भीमलाल आर्य को बुधवार को कारण बताओ नोटिस जारी कर सात दिन में जवाब देने को कहा जाएगा।
भाजपा के इस समय सदन में 28 सदस्य हैं। भीमलाल की सदस्यता समाप्त होती है तो भाजपा के सदस्यों की संख्या 27 रह जाएगी। कांग्रेस भी अगर अपने नौ बागी विधायकों को हटा दे तो कांग्रेस के विधानसभा में 27 ही सदस्य हैं।
दल बदल कानून का प्रयोग हाल ही में कांग्रेस ने पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा सहित अपने नौ बागी विधायकों के खिलाफ किया था। कांग्रेस विधानमंडल दल की मुख्य सचेतक इंदिरा हृदयेश की ओर से दी गई याचिका में आचरण के जरिये दल के प्रति अविश्वास जताने को मुख्य आधार बनाया गया था।
विधानसभा अध्यक्ष ने सात दिन का नोटिस जारी करने के बाद 27 मार्च को इन नौ विधायकों की सदस्यता समाप्त करने का फैसला सुनाया था। अब यह मामला हाईकोर्ट तक भी पहुंच चुका है।